आशियाना स्थित कथा लॉन में श्रीराम कथा का वाचन करते महामंडलेश्वर स्वामी अभयानंद। आयोजक
लखनऊ। रामचरितमानस में ज्ञान का भंडार है। यह हर व्यक्ति के लिए उपयोगी है। इससे व्यक्ति गलत रास्ते पर जाने से बच जाता है। ये बातें महामंडलेश्वर स्वामी अभयानंद सरस्वती ने आशियाना सि्थत कथा लॉन में श्रीराम कथा में बृहस्पतिवार को कहीं। अभयानंद ने माता सीता के खोज का प्रसंग सुनाया। बताया कि कैसे रास्ते में वानरों की सेना ने प्रभु श्रीराम की मदद की थी। उन्होंने कहा कि जब रावण सीताजी का अपहरण कर ले जा रहा था तब सीताजी ने अपना आभूषण इस पर्वत पर गिराया था।
सीतापुर रोड किनारे त्रिवेणीनगर में सि्थत प्राथमिक विद्यालय में चल रही श्रीराम कथा के पांचवें दिन बृहस्पतिवार को श्रीराम विवाह प्रसंग सुनकर भक्त भावविभोर हो गए। कथा व्यास दिलीप शुक्ल ने कहा कि श्री सीताराम विवाह केवल एक दांपत्य संबंध नहीं, बल्कि धर्म, मर्यादा और आदर्श जीवन मूल्यों की स्थापना का प्रतीक है। विवाह हमें निस्वार्थ प्रेम, सम्मान और धैर्य की प्रेरणा देता है। प्रेम केवल आकर्षण नहीं होता वह कर्तव्य और त्याग से सिंचित होता है। इस अवसर पर डॉ. वीके खन्ना, महेंद्र श्रीवास्तव, प्रदीप शर्मा, मुकेश शर्मा, विवेक सोनकर उपस्थित रहे।