-जिले में पहली बार जिला स्तरीय कमेटी का हुआ गठन, बारिश से पहले करेगी जांच
-पिछले साल जांच में बंद मिले थे अधिकांश सिस्टम, नोटिस के बाद भी सुधार नहीं
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा की बहुमंजिला इमारतों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की मानसून से पहले जांच होगी। इसके लिए जिला स्तरीय कमेटी का भी गठन किया गया है। जिसमें भूगर्भ जल विभाग के साथ प्राधिकरण और संबंधित तहसील के अफसर भी शामिल होंगे। जो मौके पर जाकर जांच करेंगे।
हालांकि पिछले वर्ष भी प्रशासन ने जांच कराई थी, लेकिन उसका असर नहीं हुआ। नोटिस के बाद भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को शुरू नहीं किया गया। उसकी रिपोर्ट भी नहीं दी। नोएडा और ग्रेटर नोएडा की सोसाइटियों के साथ-साथ सरकारी व संस्थागत भवनों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बने हैं। ताकि बारिश के पानी का संचय किया जा सके, लेकिन ज्यादातर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बंद हैं। प्रशासन ने इस साल भी मानसून से पहले इनकी जांच कराने की तैयारी की है। ताकि बारिश के पानी का संचय किया जा सके। अफसरों ने बताया कि इस बार जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है। जिसमें भूगर्भ जल विभाग के साथ-साथ संबंधित प्राधिकरण व तहसील के अफसर भी शामिल होंगे। मानसून से पहले समिति ज्यादातर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की जांच करेगी। अगर किसी जगह बंद मिलता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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पिछले साल की जांच का नतीजा रहा शून्य
पिछले वर्ष भी प्रशासन ने 90 से अधिक सोसाइटियों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की जांच कराई थी। तब जांच में 80 प्रतिशत सोसाइटियों का रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम चौक मिला हैं। ज्यादातर सिस्टम को साफ नहीं कराया गया था। जिस कारण वो चौक हैं। फिल्टर को भी नहीं बदला गया। तब प्रशासन ने सभी को नोटिस जारी कर तत्काल सुधार करने का आदेश दिया था। साथ ही उसकी रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन उसके बाद भी सिस्टम को ठीक नहीं किया गया। प्रशासन को रिपोर्ट भी नहीं दी। प्रशासन ने भी खानापूर्ति कर कार्रवाई बंद कर दी।
जिला स्तरीय समिति का गठन हो गया है। जल्द ही बैठक कर अभियान शुरू किया जाएगा। मानसून से पहले सभी सिस्टम की जांच की जाएगी। पिछले वर्ष की रिपोर्ट के आधार पर सिस्टम को परखा जाएगा। बंद मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अंकित राय, हाइड्रोलॉजिस्ट, भूगर्भ जल विभाग
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नवीन कुमार