बिजली चोरी करने वालों पर मारे ताबड़तोड़ छापे
नोएडा। विद्युत निगम की ओर से शुक्रवार को तड़के पांच बजे से जिलेभर में बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया गया। 17 टीमों ने 1036 घरों की चेकिंग कर 352 लोगों के खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज कराया। 245 घर ऐसे भी मिले जिनके बिल जमा नहीं होने पर कनेक्शन काटे गए थे, इसके बाद भी उनके यहां बिजली चालू थी। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान दोपहर दो बजे तक 25 लाख रुपये से अधिक राशि निगम में जमा कराई गई।
मुख्य अभियंता वीके सिंह ने बताया कि नोएडा जोन में कुछ लोग चोरी से बिजली प्रयोग कर रहे थे। जिले के 15 फीडरों को बिजली चोरी होने वाले क्षेत्र में चुना गया था। इन क्षेत्रों में पड़ताल कर ऐसे घरों को चिह्नित किया गया जहां बिजली चोरी हो रही थी। शुक्रवार तड़के करीब 5 बजे वह स्वयं अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, एसडीओ, जेई और लाइनमैन आदि के साथ मिलकर अभियान पर निकले। नोएडा-ग्रेटर नोएडा, दादरी, जेवर, दनकौर, जारचा, समेत करीब 20 गांवों में छापेमारी की गई। इस दौरान करीब 597 लोग बिजली चोरी करते पकड़े गए। जांच अभियान में 5 किलोवाट से अधिक की बिजली चोरी के 6 मामले सामने आए। 48 उपभोक्ताओं से मौके पर ही जुर्माना वसूला गया। शुक्रवार दोपहर तक 25 लाख 9 हजार रुपये की राशि निगम में जमा कराई जा चुकी थी। कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। मुख्य अभियंता ने बताया कि शुक्रवार को कार्रवाई के दौरान करीब 1.30 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने बताया कि सर्किल-1 में 309 और सर्किल-2 में 727 कनेक्शनों की जांच की गई। चेकिंग के दौरान सर्किल-1 के अधीक्षण अभियंता सर्वेश खरे, सर्किल-2 के अधीक्षण अभियंता बीएल मौर्य व सभी 8 डिवीजन के अधिशासी अभियंता मौजूद रहे।
एक मौका दिया जाएगा
मुख्य अभियंता ने बताया कि जिले में बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ जो कार्रवाई हुई है वह उसका जुर्माना जमा कर ई संयोजन के तहत निशुल्क कनेक्शन पा सकते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं के लिए एक मौका है। इसके बाद कनेक्शन लेने के लिए काफी राशि खर्च करनी पड़ेगी।
मेरठ, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, नोएडा, बुलंदशहर, बागपत, हापुड़ आदि समेत करीब 20 जिलों में यह अभियान चलाया गया था। मैं स्वयं हापुड़ में मौजूद था। विद्युत चोरों पर बड़ी कार्रवाई कर करोड़ों रुपये निगम में जमा कराए गए हैं। इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
आशुतोष निरंजन, प्रबंध निदेशक मेरठ।