मऊ। लखनऊ से आए विशेष सचिव के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की 22 टीमों ने नगर सहित पूरे जिले के 35 जगहों पर छापा मारा। सुबह से रात आठ बजे तक चले इस अभियान में नगर के चार बड़े सहित पूरे जिले में 26 अस्पतालों को बिना पंजीकरण के संचालित होने पर सील किया गया। इनमें दोहरीघाट ब्लॉक में 15, मुहम्मदाबाद गोहना तहसील में छह, रानीपुर ब्लॉक में दो, बड़राव ब्लॉक में दो, मऊ शहर में एक अस्पताल को सील किया गया। कार्रवाई के चलते अधिकांश निजी अस्पताल, क्लीनिक बंद कर संचालक भाग गए। नगर में एक अस्पताल, जिसको सीज किया गया, उसमें ही 29 अगस्त को एक महिला की मौत के बाद तोड़फोड़ की गई थी। 48 घंटे में मौत के जिम्मेदार दो अवैध अस्पतालों पर विभागीय अधिकारियों ने ताला लगाया।
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के निर्देश पर पहुंचे विशेष सचिव अनिल सिंह और एडी हेल्थ बीके सिंह के आदेश पर नगर में चार तो नौ ब्लाॅकों के लिए 18 टीमें सीएमओ डॉ. राहुल सिंह ने गठित की थी। बृहस्पतिवार की सुबह दस बजते ही टीमों ने एक साथ नगर के साथ मुहम्मदाबाद गोहना, रतनपुरा, दोहरीघाट, बड़राव सहित 35 चिह्नित जगहों पर विशेष अभियान चलाया। टीम ने नगर में बिना पंजीकरण के संचालित मिले अरराजी अस्पताल को सील किया।
विभाग ने नगर के एपेक्स, रुद्रा, हाईटेक अस्पताल को सील किया। मुहम्मदाबाद गोहना में महरुपुर मोहल्ले में संचालित अल जहूर हॉस्पिटल, लक्ष्मी क्लिनिक,न्यू लाइफ मेटरनिटी हॉस्पिटल, जज्जा बच्चा क्लीनिक, सुभावती अस्पताल और एक मेडिकल हाॅल सील किया। दोहरीघाट में वैष्णवी अस्पताल को सील किया गया।
सीएमओ डॉ. राहुल सिंह ने बताया कि नगर में बिना पंजीकरण के संचालित अस्पतालों पर कार्रवाई के लिए बुधवार से ही अभियान चलाया जा रहा है। बृहस्पतिवार तक कार्रवाई जारी रही। अब तक 30 अस्पतालों को बिना पंजीकरण के संचालित होते पाया गया है। बृहस्पतिवार को दोहरीघाट ब्लॉक में 15, मुहम्मदाबाद गोहना तहसील में छह, रानीपुर ब्लॉक में दो, बड़राव ब्लॉक में दो, मऊ शहर में एक अस्पताल को सील किया गया।
दूसरी बार स्वास्थ्यकर्मी की मिली संलिप्तता
मुहम्मदाबाद गोहना/करहा। मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के महरुपुर मोहल्ले में संचालित अल जहूर हॉस्पिटल को सील किया गया। इस अस्पताल में सर्जरी की जा रही थी। लक्ष्मी क्लीनिक पर छापा मारा गया तो यह अस्पताल बेसमेंट में संचालित होता मिला। करहा में मिल रोड पर स्वास्थ्य विभाग के रिटायर्ड एएनएम और एक कार्यरत एएनएम की ओर से जच्चा बच्चा केंद्र संचालित होता पाया गया। एक केंद्र पर एक महिला को भर्ती किया गया था। तीन दिन पहले अभियान में डिप्टी सीएमओ डॉ. एचएन मौर्या को मुहम्मदाबाद गोहना में बरामदपुर में एक महिला स्वास्थ्यकर्मी पूनम यादव अपने आवास में अस्पताल संचालित करती मिली थी।
मधुबन में नहीं चला अभियान
मऊ। सीएमओ ने बताया कि मजिस्ट्रेट न मिल पाने के चलते मधुबन में अभियान नहीं चलाया गया। जबकि यहां फतेहपुर मंडाव सीएचसी प्रभारी डॉ. राजीव पांडेय के नेतृत्व में दो टीमें बनाई गई थीं। उधर, दोहरीघाट में टीम के पहुंचने से पहले बिना पंजीकरण के संचालित अस्पताल के संचालक बोर्ड हटाने के साथ अस्पताल को बंद कर भाग गए। काफी इंतजार के बाद यहां टीम केवल एक अस्पताल पर कार्रवाई कर लौट आई। इसी तरह से कोपागंज, वलीदपुर, रानीपुर, अमिला, घोसी, रतनपुरा कस्बे में भी अस्पताल बंद रहे।
नगर के पांच अस्पतालों पर हो चुकी कार्रवाई
मऊ। सीएमओ डॉ. राहुल सिंह ने बताया कि अब तक नगर के पांच अस्पतालों पर कार्रवाई हुई है। इसमें बृहस्पतिवार को अलराजी अस्पताल के अलावा रुद्रा अस्पताल, हाईटेक, हेरिटेज के साथ एपेक्स अस्पताल शामिल हैं। गौरतलब है कि अगस्त में चार महिलाओं की मौत के बाद 29 अगस्त से अभियान चल रहा था। लेकिन नगर में बिना पंजीयन के संचालित अस्पतालों पर कोई कार्रवाई न होने से लोगों में नाराजगी। उधर, विभागीय सूत्रों के अनुसार, नगर के बड़े अवैध अस्पतालों को बचाने के कई बार नेताओं ने पैरवी की, लेकिन मामला डिप्टी सीएम तक पहुंचने के चलते विभागीय अधिकारियों ने आखिरकार कार्रवाई कर दी।
जिले में 200 अस्पताल और क्लीनिक बिना पंजीकरण के
सीएमओ कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार मऊ जिले में 53 क्लीनिक, 32 अस्पताल और 65 डायग्नोस्टिक सेंटर पंजीकृत हैं। केवल मऊ शहर में ही 50 से ज्यादा बिना पंजीकरण के अस्पताल चल रहे हैं, जबकि जिले में यह आंकड़ा दो सौ से ज्यादा का है।