राहुल यादव एक ऐसा नाम बन चुका है जो प्रति वर्ष 40 - 50 छात्रों को आई.ए.एस., न्यायिक अधिकारी और सार्वजानिक अभियोक्ता की निशुल्क शिक्षा देते है साथ ही कई सामाजिक कार्यो में भी जुड़े हैं।
यह पिछले 16 -17 वर्षो से राहुल आई.ए.एस. संस्थान चला रहे है जिसमे प्रति वर्ष 500 - 600 छात्रों को आई.ए.एस. एवं आई.पी.एस. अफसर बनाया है तथा 3000 से ज्यादा लोगों को न्यायिक अधिकारी एवं अन्य सरकारी नौकरियों में चयनित करवाया है, इन्हीं उपलब्धियों को देखते हुए इन्हें एंटरप्रिन्योर कॉन्फरेंस में सम्मानित किया गया। जहां उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली उपलब्धियों और तैयारी के बारे में कई जानकारी दी।
लोगों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा की जीवन में सफल वही व्यक्ति है, जो गरीबों, दलितों एवं पिछड़ों के चेहरों पर मुस्कान ला सकता है और इसके लिए ही हम कई कार्य कर रहे है जिसमे दलित व पिछड़े वर्ग के गांव में एक मंदिर का निर्माण करवा रहे हैं और समय-समय पर हम स्लम एरिया में भंडारे का आयोजन करते रहते है। मेरा मानना है की एक शिक्षित व्यक्ति अपने जीवन में 10 लोगो को भी शिक्षित करता है तो भारत देश बहुत तरक्की करेगा।