फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुणवत्ता के घेरे में फंसा पीपीई िकट का उत्पादन

विज्ञापन
विज्ञापन
गुणवत्ता के ‘घेरे’ में फंसा पीपीई किट का उत्पादन
विज्ञापन

नोएडा। कोरोना संक्रमण से लड़ रहे योद्धाओं के सुरक्षा कवच यानी पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट (पीपीई) किट की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने के बाद इनका उत्पादन कर रही इकाइयों की रफ्तार थम गई है। पीपीई किट बना रही कई कंपनियों में काम बंद है। ऐसे हालात में लगातार बढ़ रही किट की मांग को पूरा करना चुनौती बन गया है। हालांकि, गुणवत्ता की कसौटी पर खरी उतरने वाली कंपनियों को किट बनाने की अनुमति मिलने लगी है, लेकिन जिले की चुनिंदा कंपनियों में ही उत्पादन शुरू हो पाया है।
मार्च की शुरुआत में कोरोना संक्रमण ने देश में पांव पसारने शुरू किए तो मास्क और पीपीई किट बनाने का काम कई उद्योगों में शुरू हो गया। अचानक बढ़ी मांग का कई कंपनियां ने फायदा भी उठाया और मुनाफे के लिए किट की गुणवत्ता के साथ समझौता करने में भी कसर नहीं छोड़ी। अप्रैल मध्य में घटिया पीपीई किट की सप्लाई का मामला नोएडा और मेरठ से उठा था।
विज्ञापन

सूत्रों के मुताबिक, इसके बाद से ही पीपीई किट बनाने वाली इकाइयों पर ब्रेक लग गया था। इसके बाद प्रमाणित इकाइयों को ही पीपीई किट बनाने की मंजूरी दी जा रही है। नोएडा व ग्रेटर नोएडा की 10 से ज्यादा इकाइयां इस काम में उतरी थीं, लेकिन फिलहाल चुनिंदा को ही प्रमाणित किया गया है, कुछ इकाइयां लाइन में हैं तो कुछ ने काम बंद कर दिया है। पीपीई किट बनाने वाली जिले की एक बड़ी कंपनी के निदेशक ने बताया कि उनके यहां 50 हजार पीपीई किट हर सप्ताह बना रही थीं। लगभग 1 लाख किट की क्षमता बढ़ाने के लिए नई यूनिट शुरू करने की तैयारी है, लेकिन अभी तक प्रमाणपत्र नहीं मिला है। इसलिए काम बंद पड़ा है।
जिले को मिलेंगी 7000 पीपीई किट
कॉरपोरेट सोशल रेस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) कार्यक्रम के तहत एचसीएल कंपनी अलग-अलग जिलों में पीपीई किट मुहैया करा रही है। जिले में 7000 पीपीई किट उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। पिछले सप्ताह 1000 किट जिला प्रशासन को दी जा चुकी हैं। सहायक आयुक्त उद्योग दीपेंद्र कुमार ने बताया कि जल्द ही शेष किट भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिन्हें स्वास्थ्य विभाग ही नहीं, बल्कि राशन वितरण करने वालों को भी वितरण किया जाएगा। इसके अलावा गोरखपुर जिले को 1200 व लखनऊ को 2000 किट जिले से भेजी जा चुकी हैं।
विज्ञापन

----------------
क्या है पीपीई किट
पीपीई किट का इस्तेमाल संक्रमण से खुद को बचाने के लिए होता है। कोरोना मरीजों के इलाज में लगे डॉक्टर, नर्स व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को सिर से पांव तक संक्रमण से बचाव के लिए इस किट का प्रयोग कर रहे हैं। इसमें मास्क, ग्लव्स, एप्रन, फेस प्रोटेक्टर, फेस शील्ड, स्पेशल हेलमेट, आई प्रोटेक्टर, शू कवर आदि शामिल होते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें