सार्वजनिक परिवहन भी कर रहा हवा को दूषित
- 3000 ऑटो की फिटनेस फेल, 5000 ऑटो चालकों ने नहीं कराई जांच
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सार्वजनिक परिवहन भी जिले की हवा को दूषित कर रहा है। जिले में पंजीकृत 20435 ऑटो में से करीब तीन हजार बिना फिटनेस जांच के ही सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। परिवहन विभाग इन ऑटो चालकों को नोटिस जारी कर चेतावनी भी दे चुका है फिर भी चालक फिटनेस टेस्ट नहीं करा रहे। वहीं दो हजार ऑटो ऐसे हैं जिन्होंने दो वर्षों से प्रदूषण जांच नहीं कराई है। अब इनके संचालकों को आखिरी चेतावनी जारी की जाएगी, इसके बाद पंजीयन निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
ऑटो एसोसिएशन के मुताबिक एक दिन में करीब पांच लाख लोग ऑटो में सफर करते हैं। 16-16 किलोमीटर के दो रूटों पर यह ऑटो दिन भर फेरे लगाते हैं। ऐसे में इनसे अधिक प्रदूषण होना स्वभाविक है। इन दिनों जिले की हवा वैसे ही काफी ज्यादा खराब है। एक्यूआई 400 का आंकड़ा भी पार कर चुका है। अब इसमेें ऑटो भी बढ़ोत्तरी कर रहे हैं। प्रदूषण की रोकथाम के लिए शनिवार को परिवहन विभाग की बैठक हुई। इसमें भी कमर्शियल वाहनों व सार्वजनिक परिवहन से कम से कम प्रदूषण के लिए रणनीति बनाई गई। एआरटीओ सियाराम वर्मा ने बताया कि जिले में सार्वजनिक परिवहन का मुख्य हिस्सा ऑटो ही हैं, ऐसे में विभाग ऑटो पर अधिक फोकस कर रहा है। जांच न कराने पर सख्त एक्शन लिया जाएगा।
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टैक्सियों पर भी रहेगी नजर
जिले में टैक्सी की श्रेणी में भी 13965 वाहन पंजीकृत हैं। इनपर भी विभाग नजर रखेगा। विभाग के अनुसार टैक्सियों में 1200 टैक्सियां अनफिट और 765 टैक्सी की संचालकों ने प्रदूषण जांच नहीं कराईहै। इनके चालकों को भी नोटिस भेजा जाएगा। वहीं शहर में 3549 बस, 15289 ई रिक्शा भी संचालित हो रहे हैं।