ग्रेनो की हवा से ज्यादा नोएडा की हवा में प्रदूषण
- रविवार को नोएडा में एक्यूआई 414 रिकॉर्ड हुआ, ग्रेनो में 410 रहा
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिले में लगातार 72 घंटे बाद भी हवा खतरनाक बनी हुई है। अब नोएडा की हवा अब ग्रेटर नोएडा से भी अधिक प्रदूषित हो गई है। ग्रेटर नोएडा में रविवार को मामूली राहत मिलने से एक्यूआई में गिरावट आई है। वहीं नोएडा देश में सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में छठवें नंबर पर पहुंच गया है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा दोनों ही डार्क रेड जोन में बने हुए हैं। गैस चैंबर बने होने से रविवार को भी जहां दोनों जगह धुल और धुएं की परत छाई रही। वहीं लोगों को भी सांस लेने में दिक्कत बनी रही।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को नोएडा का एक्यूआई 414 रिकॉर्ड हुआ। तड़के सुबह से ही हवा में धुंध छाए रहने की वजह से एक्यूआई कई इलाकों में 500 के नजदीक तक पहुंच गया। दोपहर में करीब 12 बजे हवा तेज होने की वजह से इसमें तेजी से गिरावट आई। सेक्टर-62 में ही सुबह के समय जहां एक्यूआई 487 बना हुआ था। वहीं दोपहर में करीब दो बजे यह 265 तक कम हो गया। हालांकि, हवा थमने के बाद फिर से हवा जहरीली हो गई। शाम को करीब आठ बजे यहां एक्यूआई बढ़कर 466 पर पहुंच गया। आवासीय सेक्टर-116 में भी एक्यूआई 399 रहा। इसके अलावा सेक्टर-1 में 401 और सेक्टर-125 में 354 का आंकड़ा एक्यूआई ने बनाया। ग्रेटर नोएडा में भी औसत एक्यूआई जहां 410 रिकॉर्ड किया गया है। वहीं नोलेज पार्क-3 में एक्यूआई 459 और नोलेज पार्क-5 में 324 रहा।
दावे: एक्यूआई सुधार के लिए काम चालू
नोएडा की हवा भले ही ग्रेनो से अधिक प्रदूषित हो गई हो। इसके उलट नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का दावा है कि एक्यूआई को कम करने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। रविवार को भी सेक्टर-94, 34, 36, 125 सहित दूसरे इलाकों में टैंकरों से पानी का छिड़काव कराया गया। हालांकि, लोगों की शिकायत है कि सेक्टर -73, 122, 71, 72, 121 में पानी का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है। यहां भी प्राधिकरण को पानी का छिड़काव कराना चाहिए जिससे प्रदूषण से लोगों को राहत मिल सके।