ग्रेटर नोएडा। कोरोना संक्रमण से जंग में लोग बेबस हैं। जनप्रतिनिधि हो या अफसर, हर किसी से मदद की आस लगाए बैठे हैं, लेकिन वो पूरी नहीं हो रही है। जो अफसर और जनप्रतिनिधि सुझाव या समस्या पूछते थे, वो अब फोन तक नहीं उठा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों और अफसरों के इस बर्ताव से लोगों में रोष है और वो सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। कोरोना काल में लोगों को किसी तरह की मदद नहीं मिल रही है। जनप्रतिनिधि और अफसर गायब हैं। इस पर लोगों को गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
शुक्रवार और शनिवार को ग्रेनो वेस्ट और ग्रेटर नोएडा के निवासियों ने सोशल मीडिया पर गुस्सा निकाला। ग्रेनो वेस्ट के एक व्हाट्स एप ग्रुप पर लोगों का कहना है कि जरूरत पर सांसद और विधायक लापता हो गए हैं। लोग मुसीबत में हैं, लेकिन सांसद और विधायक की तरफ से कोई मदद नहीं की जा रही है। दोनों फोन तक नहीं उठा रहे हैं। ऐसे नेताओं को अब कार्यक्रम में बुलाना बंद कर देना चाहिए। वहीं, प्राधिकरण केवल बिल्डरों पर मेहरबान है। यही कारण है कि ग्रेनो वेस्ट में स्वास्थ्य सुविधा विकसित करने पर ध्यान नहीं दिया गया। सपा ने भी जिले के नोडल अधिकारी और प्राधिकरण के सीईओ को खोजने पर एक हजार का इनाम देने की घोषणा सोशल मीडिया पर की।
सेल्फी नहीं, हम एक-दूसरे के आएंगे काम
सोशल मीडिया पर लोगों ने सांसद और विधायक के प्रतिनिधि और कार्यकर्ताओं को भी जमकर लताड़ा है। इनका कहना है कि उन लोगों पर शर्म आनी चाहिए, जो उनको उद्घाटन या अन्य कार्यक्रम में बुलाते हैं। वोट मांगने उनके साथ आते हैं। जनप्रतिनिधि के साथ सेल्फी लेते हैं। अब वो सेल्फी काम नहीं आएगी। बल्कि हम एक-दूसरे के काम आएंगे।
ट्वीट पर विधायक का निर्देश हो गया फेल
शनिवार को अनिल पुंडीर नाम के एक व्यक्ति ने कोविड मरीज की मदद के लिए ट्विटर पर मदद मांगी। इस पर दादरी विधायक तेजपाल नागर ने प्राधिकरण के सीईओ और डीएम को निर्देशित किया कि तत्काल सहायता उपलब्ध कराएं। इस पर ग्रेनो प्राधिकरण के ट्विटर हैंडल से जवाब दिया गया कि वो कोविड कंट्रोल रूम में संपर्क करें। लोगों का कहना है कि जब विधायक का निर्देश फेल हो सकता है तो हमारी बात कहां मायने रखती है।