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Noida News: सार्वजनिक शौचालयों के जगहों को लेकर विरोध

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निवासी बोले- जहां शौचालयों की जरूरत, वहां नहीं हो रहा निर्माण
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फोटो

माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट और ग्रेटर नोएडा में सार्वजनिक जगहों पर प्राधिकरण द्वारा बनाए जा रहे सार्वजनिक शौचालयों को लेकर विरोध शुरू हो गया है। एक्टिव सिटीजन टीम ने मांग की है कि शौचालय उन जगहों पर बनाए जाएं, जहां लोगों के लिए ये उपयोगी हो सकें। निवासियों का आरोप है कि जहां सबसे अधिक शौचालयों की जरूरत है, वहां निर्माण नहीं हो रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि पी-तीन में गोलचक्कर पर दो-दो सावर्जनिक शौचालय बना दिए गए, मगर इस जगह पर एक भी मिनट के लिए गाड़ी रोकना संभव नहीं है।

निवासियों ने बताया कि शौचलयों का निर्माण करते वक्त स्थानीय आरडब्ल्यूए, सामाजिक संगठन, व्यापारी एवं औद्योगिक संगठनों की भी राय ली जानी चाहिए। 2025 में ग्रेटर नोएडा के ऐसे 16 स्थानों की सूची प्राधिकरण को सौंपी गई थी, लेकिन लगभग डेढ़ वर्ष बाद जो लिस्ट बनाई गई, उसमें केवल दो स्थान लिए गए।
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इन जगहों पर बनाए जाने हैं सार्वजनिक शौचालय
पैकेज-1 में नॉलेज पार्क फायर स्टेशन, जीएनआईओटी बस स्टैंड, इटेहरा फुटओवर ब्रिज साइट, राइज चौकी हिंडन पुल, केसीसी काॅलेज नासा पार्किंग, बीटा-1 बस स्टैंड, पुलिस चौकी ग्रेनो प्राधिकरण, सेक्टर-3 के पास 130 मीटर रोड ग्रेनो वेस्ट।
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पैकेज-2 : क्राउन प्लाजा होटल के पास सूरजपुर, सिविल कोर्ट गेट, जिला प्रशासन परिसर, गैलेक्सी मॉल, चेरी काउंटी चौक ग्रेनो वेस्ट, यथार्थ अस्पताल ग्रेनो वेस्ट, एच्छर गांव रोड, अवध ग्रीन बैंक्वेट हॉल।


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शहर के बाजारों टॉयलेट अति आवश्यक हैं, लेकिन इन इलाकों को छोड़ दिया गया है। -आलोक सिंह, अल्फा एक

टॉयलेट वहीं बनाए जाएं, जहां उनका उपयोग हो। गोलचक्कर और मुख्य मार्ग पर न बनाए जाएं। -आशीष शर्मा, गामा दो

टॉयलेट वहीं बनें, जहां आसपास कई लोगों की आवाजाही हो। नहीं तो इसका कोई मतलब नहीं। -हरेंद्र भाटी, बीटा एक

आरडब्ल्यूए, सामाजिक संगठन और व्यापारियों से पूछा जाना चाहिए कि टॉयलेट कहां बनने चाहिए। -मंजीत सिंह, अध्यक्ष रामलीला समिति
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