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सीजेपी 2.0: 10 अक्तूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, सड़कों पर फिर उतरेंगे युवा: की ये मांग

Wed, 07 Oct 2026 01:51 PM IST
अनुज कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, नई दिल्ली

सार

सीजेपी @2.0: 10 अक्तूबर को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन को लेकर बुधवार को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में संयुक्त प्रेस वार्ता हुई। इसमें सीजेपी, आइसा, एसएफआई, एआईएसएफ और एएसएपी के प्रतिनिधि शामिल थे।
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छात्र संगठन 10 अक्तूबर को खोलेंगे मोर्चा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) रोकने की मांग को लेकर 10 अक्तूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का एलान किया है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने इसे जंतर-मंतर 2.0 बताते हुए देशभर के युवाओं से दिल्ली पहुंचने की अपील की है।

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सीजेपी के प्रवक्ता और सह-संयोजक सौरव दास ने कहा कि देश के युवा एक बार फिर सड़कों पर उतर रहे हैं। उन्होंने इसे चलो दिल्ली का नारा दिया है। सौरव के मुताबिक, 10 अक्तूबर का प्रदर्शन केवल सीजेपी तक सीमित नहीं है। इसमें छात्र, युवा और कई संगठनों के लोग शामिल होंगे। उनके मुताबिक, एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

नेहा बोरा बोलीं, एकजुट होकर लड़ने की जरूरत
आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा ने बताया कि छात्र संगठन, आम लोग, नागरिक संगठन और विपक्षी दल अलग-अलग नहीं, बल्कि एक साथ इस मुद्दे पर आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 10 अक्तूबर का प्रदर्शन इसी एकजुटता को मजबूत करेगा। नेहा ने सभी राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों से इसमें शामिल होने की अपील की। नेहा बोरा ने एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को इस मुद्दे की गंभीरता समझ में आ रही है, उन्हें एक साथ आकर आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने 10 अक्तूबर के प्रदर्शन में अलग-अलग संगठनों की भागीदारी को जरूरी बताया।
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छह वाम युवा संगठन भी करेंगे भागीदारी
प्रदर्शन में छह वाम युवा संगठनों ने भी बड़ी संख्या में शामिल होने की घोषणा की है। डीवाईएफआई, एआईवाईएफ, आरवाईए, आरवाईएफ, एआईडीवाईओ और एआईवाईएल ने बुधवार को संयुक्त बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि उनके सदस्य और समर्थक दिल्ली पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल होंगे। इन संगठनों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त अधिनियम, 2023 को रद्द करने की मांग भी की है। उनके अनुसार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति के लिए नई और पारदर्शी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। इसके लिए केंद्र सरकार को लोकसभा और राज्यसभा में नया विधेयक लाना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों पर कार्रवाई का मुद्दा
प्रेस वार्ता में दिल्ली में पिछले दिनों हुए प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों पर हुई कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया गया। संगठनों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों को हिरासत में लिया गया और बलपूर्वक हटाया गया। प्रदर्शन को कवर कर रहे पत्रकारों के साथ भी बदसलूकी की गई। संयुक्त प्रेस वार्ता में संगठनों ने बताया कि विरोध की आवाज दबाने के बजाय सरकार को उठाए जा रहे सवालों का जवाब देना चाहिए। 10 अक्तूबर के प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर बुधवार को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में संयुक्त प्रेस वार्ता हुई। इसमें सीजेपी के साथ आइसा, एसएफआई, एआईएसएफ और एएसएपी के प्रतिनिधि शामिल हुए।

 

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