नूंह विधायक आफताब अहमद को ज्ञापन सौंपते स्टाफ नर्स
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नूंह। नौकरी से अचानक हटाए जाने का नोटिस मिलने पर नल्हड़ मेडिकल कॉलेज की सैकड़ों स्टाफ नर्सों ने शनिवार को नूंह विधायक आफताब अहमद को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने नौकरी से निकाले जाने के नोटिस का विरोध किया।
कर्मचारियों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर आरोप लगाया कि पिछले दो दिनों से जिला नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा की टीम को उनके स्थान पर लगाए जाने वाले कर्मचारियों को रात में भर्ती किया जा रहा है। जबकि, वह पिछले पांच सालों से लगातार कार्य कर रहे हैं। ऐसे में उनके साथ धोखा किया जा रहा है। इसे वह किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में पहले ही 659 स्टाफ नर्सों के स्थान पर 238 स्टाफ नर्स नियुक्त हैं। इनमें से 119 नर्सों को कॉलेज प्रशासन ने हटाने का नोटिस दिया है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन स्टाफ नर्सों को भले ही भर्ती कर लें, लेकिन उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ न करें। कोरोना काल से लेकर अब तक उन्होंने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए कार्य किया है, लेकिन अब उनके साथ नाइंसाफी की जा रही है। पदों को भरने की बजाए फिर से खाली किए जा रहे हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाएं और बदतर हो जाएंगी। इस दौरान विधायक आफताब अहमद ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को सरकार के समक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा। सरकार कर्मचारियों के साथ गलत व्यवहार कर रही है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। नूंह जिला प्रदेश के सबसे पिछड़े जिलों की सूचि में शुमार है। यहां की स्वास्थ्य सेवाएं सबसे पीछे हैं। एक ओर अस्पतालों में पूर्व से ही अधिकतर पद खाली पड़े हैं। ऐेसे में इन स्टाफ नर्सों के हटाने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी। इस मौके पर कर्मचारियों में मनोज, रीना, मुजाहिद, विवेक, आशिक, राशिद, हंसराज और ज्योति आदि मौजूद रहे।