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शाहबेरी के तीन बिल्डरों की 30 करोड़ की संपत्ति जब्त

Mon, 07 Oct 2019 06:26 AM IST
नोएडा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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जिला प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट की धारा-14 ए के तहत कार्रवाई करते हुए 3 बिल्डरों की 74 फ्लैट व दुकानें जब्त कर ली हैं। प्रशासन ने करीब 224 वर्ग मीटर का प्लॉट भी जब्त किया है। जब्त की गई संपत्ति की कीमत करीब 30 करोड़ रुपये आंकी गई है। बताया जा रहा है कि यूपी में पहली बार इतनी कीमत की संपत्तियां अटैच की गई हैं। शाहबेरी में अभी तक 86 मुकदमों में 227 बिल्डरों व कॉलोनइजरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है। इनमें 38 पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा चुकी है। जबकि एक बिल्डर पर एनएसए लगाया गया है।

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रविवार को डीएम बीएन सिंह सेक्टर-27 स्थित कैंप ऑफिस में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि जब्त की गईं सारी संपत्तियां बिल्डरों की हैं। खरीदारों की संपत्ति जब्त नहीं की गई है। डीएम के मुुताबिक मेसर्स मान प्रॉपर्टी जल एंड डेवलपर्स के मालिक दिल्ली निवासी जसवीन मान व जसपाल मान के 45 फ्लैट जब्त किए गए हैं। कंपनी निदेशक जसवीन मान को गिरफ्तार किया जा चुका है। मान बिल्डर के आशियाना होम्स, मान अपार्टमेंट, ड्रीम होम्स, सृष्टि अपार्टमेंट, आशुतोष अपार्टमेंट और वृंदावन गार्डन के खाली फ्लैट जब्त किए गए हैं।

इसके अलावा मुदगल्स होम्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक गाजियाबाद निवासी सूरज शर्मा और महेश शर्मा के 29 फ्लैट और एक दुकान जब्त की गई हैं। जिसमें मुदगल्स होम्स-2, 4, 5 में बने फ्लैट शामिल हैं।वहीं सलीमुद्दीन व शहाबुद्दीन बिल्डर के खसरा नंबर-5 पर 224.07 वर्ग मीटर का प्लॉट जब्त कर लिया गया है। शाहबेरी में सलीमुद्दीन और शहाबुद्दीन की बिल्डिंग ढह गई थी जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी। शहाबुद्दीन पर एनएसए भी लगाया जा चुका है। जबकि तहसीलदार दादरी को जब्त की गई सभी संपत्तियों का प्रशासक नियुक्त किया गया है।
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वहीं एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि शाहबेरी प्रकरण में अब तक दर्ज किए गए मुकदमों के आधार पर 52 लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें 15 गिरोह पर कार्रवाई की गई है। मामले में 148 लोगों ने अदालतों से गिरफ्तारी पर स्थगन आदेश ले रखा है। जबकि 65 और लोगों की गिरफ्तारी होनी है। उन्होंने सीओ राजीव कुमार और इंस्पेक्टर मनोज पाठक को फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए। अगर जरूरत पड़ी तो और लोगों पर भी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिससे भविष्य में इस घटना को लेकर दूसरे लोग भी सबक ले सकेंगे।

तीन माह तक दर्ज करा सकते हैं आपत्ति

डीएम बीएन सिंह ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई फ्लैट उन्होंने सील करके शासन से अटैच नहीं किया है। जिस पर किसी आम व्यक्ति का नाम हो। अभी तक जो फ्लैट, दुकान और प्लाट अटैच किए हैं वह सभी बिल्डरों के नाम है। यदि किसी व्यक्ति को आपत्ति है या किसी व्यक्ति (बायर्स) की संपत्ति को अटैच कर लिया है तो वह तीन माह तक अपनी आपत्ति दे सकता है।

रजिस्ट्री को लेकर क्या है नियम

रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1908 के नियम 241 के तहत रजिस्ट्रार किसी भी संपत्ति के संबंध में किसी भी तरह से जिम्मेदार नहीं है। भले ही कोई व्यक्ति गलत संपत्ति ही क्यों न बेच रहा हो। रजिस्ट्री विभाग से जुडे़ अधिकारी बताते हैं कि वह रजिस्ट्री करने के लिए बाध्य हैं। भले ही कोई किसी संपत्ति का मालिक नहीं हो और वह फिर भी संपत्ति की रजिस्ट्री कर देता है तो उसके लिए जिम्मेदार स्वयं खरीदार होगा।

17 जुलाई 2018 को ढह गई थी निर्माणाधीन बिल्डिंग

उपजिलाधिकारी दादरी राजीव राय ने बताया कि 17 जुलाई 2018 को शाहबेरी में निर्माणाधीन बिल्डिंग ढह जाने से 9 लोगों की मौत हो गई थी। जांच में बिल्डरों व कॉलोनाइजरों द्वारा नियमों को ताक पर रख कर निर्माण किए जाने की बात सामने आई थी। बिल्डिंगों के घटिया निर्र्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया था। कई आरोपियों ने उच्च न्यायालय की ओर से जारी यथास्थिति बनाए रखने के आदेश का भी उल्लंघन किया है।

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