नई दिल्ली। गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) के दोनों कैंपस में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम में आईपीयू के रजिस्ट्रार डॉ कमल पाठक ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में इस गीत ने एकजुटता और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् ने जनमानस को उद्वेलित कर उनमें देशभक्ति की ज्योति प्रज्वलित की। यह केवल एक गीत नहीं, यह भारत माता की आराधना है, हमारे राष्ट्रीय चरित्र की आत्मा है। इस कार्यक्रम में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के जीवन और वंदे मातरम् की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित एक प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस मौके पर यूनिवर्सिटी के ईस्ट कैंपस में कैंपस निदेशक प्रो ए के सैनी व द्वारका कैंपस के कार्यक्रम में रजिस्ट्रार डॉ कमल पाठक एवं विशेष कार्य अधिकारी डीपी द्विवेदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। ब्यूरो