नूंह। जिले में एक अक्तूबर से 15 नवंबर तक बाजरे और धान की फसलों की खरीद के लिए मंडियां और खरीद केंद्र निर्धारित किए गए हैं। किसानों को बिक्री में किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं आए इसके लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने कहा कि फसलों की खरीद के लिए प्रशासन तैयार है। बाजरे और धान की फसल की खरीद जिले में पांच स्थानों (मंडियों और खरीद केंद्रों) पर की जाएगी। इनमें नूंह, तावडू़, पिनगवां, पुन्हाना और फिरोजपुर-झिरका शामिल हैं। इन मंडियों एवं खरीद केंद्रों में किसान बाजरा बेच सकते है। उन्होंने कहा कि मंडियों में फसल खरीद के दौरान विभिन्न प्रकार की व्यवस्थाएं सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए अधिकारियों की ड्यूटी निर्धारित की है। उन्होंने खरीद ऐजेंसियों से कहा कि फसल खरीद के कार्य में किसी प्रकार की देरी एवं कोताही नहीं होनी चाहिए। अनाज मंडियों में बिजली, पीने का पानी, शौचालय, बारदाना व अन्य आवश्यक प्रबंध होने चाहिए।
जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक सीमा शर्मा ने बताया कि बाजरे और धान की खरीद के लिए सभी प्रकार के प्रबंध कर लिए गए है। उन्होंने बताया कि उपायुक्त द्वारा जिले की प्रत्येक मंडी में शिकायत निवारण समिति बना दी गई है। किसानों को किसी प्रकार की समस्या होती है तो वह शिकायत निवारण समिति में दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि किसानों को मंडी में फसल लाने के लिए गांव और दिनांक के आधार पर रोस्टर बनाया है। किसानों को सूचित कर दिया जाएगा कि किस दिन उन्हें फसल मंडी में लेकर आनी है। इस बार दो खरीद एजेंसी हैफेड, एचडब्ल्यूसी फसल खरीद का कार्य करेंगी।