माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। यात्री जहां हाथ देते हैं, निजी बसें वहीं बीच सड़क रुक जाती हैं। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ बस में बैठने और उतरने वाले यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है। परमिट के अनुसार, इन बसों को जगह-जगह रुककर सवारी बैठाने की अनुमति नहीं है। बॉटनिकल गार्डन से यात्रियों को बैठाकर निर्धारित रूट पर जाने की व्यवस्था है। इसके बावजूद चालक निर्धारित स्टॉप के बजाय रास्ते में मनमाने स्थानों पर बसें रोक रहे हैं।
परिवहन विभाग के अनुसार, जिले में 4696 निजी बसें पंजीकृत हैं। अलग-अलग रूट पर 90 संचालक इनका संचालन करते हैं। अधिकतर बसें बॉटनिकल गार्डन से अपने निर्धारित रूट के लिए रवाना होती हैं। इसके बाद रास्ते में कई स्थानों पर रुककर यात्रियों को बैठाया और उतारा जाता है। परिवहन विभाग की ओर से अब तक इसको लेकर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है।
चिल्ला बॉर्डर, सेक्टर-52, महामाया फ्लाईओवर, एडवंट, जीरो प्वाइंट, मॉडल टाउन, छिजारसी और सेक्टर-76 समेत कई स्थानों पर बसों के रुकने की शिकायत है। खासतौर पर हाईवे पर बसों के रुकने से हादसे का खतरा बढ़ जाता है। बसों के बीच सड़क रुकने से पीछे से आने वाले वाहनों की रफ्तार भी प्रभावित होती है।
एआरटीओ प्रशासन नंद कुमार ने बताया कि बस संचालकों को निर्धारित स्टॉप पर ही यात्रियों को बैठाने और उतारने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित स्थान के अलावा बसें रुकती पाई गईं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
निजी बसों के मनमाने स्थानों पर रुकने से यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हादसा होने की स्थिति में बस में सवार यात्रियों और यात्रा से संबंधित रिकॉर्ड की उपलब्धता को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। परिवहन विभाग को निर्धारित रूट और स्टॉप पर बसों के संचालन की निगरानी बढ़ाने की जरूरत है।