पाबंदी के बाद भी निजी बसों की मनमानी, लग रहा जाम
अवैध संचालन से यूपी रोडवेज को हर महीने लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा
ग्रेटर नोएडा। शहर के सबसे व्यस्त परी चौक को जाम मुक्त बनाने के लिए लगाए गए प्रतिबंध हवाई साबित हो रहे हैं। पुलिस चौकी के बिल्कुल नजदीक ही निजी बसें बेखौफ खड़ी होकर सवारियां बैठा रही हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस और यातायात विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। इस अवैध संचालन के कारण यूपी रोडवेज को हर महीने लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
करीब एक साल पहले तत्कालीन डीसीपी ने परी चौक पर जाम की गंभीर समस्या को देखते हुए बसों के आवागमन को नियंत्रित किया था। नए नियम के तहत पी-3 गोलचक्कर से परी चौक की ओर आने वाली बसों का संचालन बंद कर उन्हें वैकल्पिक मार्ग (अंसल मॉल, अल्फा कॉमर्शियल बेल्ट और डेल्टा मार्ग होते हुए) से जाने के निर्देश दिए गए थे। रोडवेज बसों ने तो इस नियम का पालन शुरू कर दिया, लेकिन निजी बस ऑपरेटर लगातार नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। एक्टिव सिटीजन टीम के सदस्य आलोक सिंह ने बताया कि निजी बसें नियमों को ताक पर रखकर पुलिस चौकी के सामने 15 से 20 मिनट तक खड़ी रहती हैं। इससे परी चौक पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित होती है और लंबा जाम लग जाता है।
परी चौक पर निजी बसें खुलेआम सवारियां बैठाती हैं। इसको लेकर अधिकारियों से शिकायत भी की गई है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
समीना अंजूम एआरएम ग्रेटर नोएडा डिपो