मथुरा के लिए उपयोगी।
-1200 हेक्टेयर में बसाई जानी है फेज-2 में वृंदावन के पास हेरिटेज सिटी
- राया अर्बन सेंटर के रूप में होना विकास, बन रही संशोधित डीपीआर
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। मथुरा में राया अर्बन सेंटर को हेरीटेज सिटी के रूप में विकसित किया जाना है। करीब 1200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बन रही इस योजना के विकास की जिम्मेदारी पीपीपी माॅडल पर निजी बिल्डर को सौंपी जा सकती है। यीडा के अधिकारियों का मानना है कि इससे तेजी से विकास को सुनिश्चित किया जा सकेगा। कार्य के लिए शुरुआती निवेश भी बिल्डर कंपनी खुद करेगी।
पिछले दिनों यीडा की बोर्ड बैठक में इसके लिए प्रस्ताव रखा गया था। इससे पहले यीडा खुद यहां विकास कार्य कराने का इच्छुक था। जमीन अधिग्रहण और विकास कार्य शुरू कराए जाने के लिए साइट ऑफिस भी राया अर्बन सेंटर की जगह पर बन चुका है। पीपीपी माॅडल का प्रस्ताव अब बोर्ड में रखे जाने के बाद अब नए सिरे से विकास का तरीका तय होना है। अगर पीपीपी मॉडल पर विकास हुआ तो निवेश के बदले में विकसित जमीन का कुछ हिस्सा बिल्डर को जाएगा। यह शर्त जरूर रहेगी कि यहां लीज प्राधिकरण खुद करे।
सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि हेरीटेज सिटी का विकास पीपीपी मॉडल पर हो या खुद यमुना प्राधिकरण करे। इस पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है। बोर्ड के निर्देश पर हम यह आकलन करा रहे हैं कि प्राधिकरण के अलावा जनहित में क्या रहेगा? इसके लिए जरूरी वित्तीय और तकनीकी आकलन एक स्वतंत्र एजेंसी करेगी। एजेंसी की रिपोर्ट को बोर्ड के सामने रखा जाएगा। इसके बाद ही तय होगा कि किस तरह से विकास कार्य यहां कराए जाएं।
इनसेट-
संस्कृति, पर्यटन और विकास... की थीम पर होना विकास
हेरीटेज सिटी में जहां विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जानी है। वहीं मथुरा और वृंदावन की संस्कृति का भी ध्यान रखा जाएगा। यहां पर्यटन भी बढ़े। इसको भी प्राधिकरण देख रहा है। यही वजह है कि इस योजना में वाटर स्पोर्ट्स विकसित करने के अलावा वन क्षेत्र का विकास, कथा वाचनालय, ऑडिटोरियम भी बनाए जाने हैं। हस्तशिल्प बाजार, लाइट एंड साउंड शो भी यहां आकर्षण होंगे। मथुरा और वृंदावन का इतिहास भी यहां दिखाई देगा। उद्योगों के अलावा आवासीय जरूरतों के भूखंड भी यहां विकसित किए जाने हैं।