धीरे-धीरे सर्दी बढ़ रही है। बदलते मौसम में कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगती हैं। इनमें सबसे अधिक समस्या गर्भवती महिलाओं को होती है। बचाव के लिए गर्भावस्था में मां को पौष्टिक व संतुलित आहार लेना चाहिए। इसका सीधा असर होने वाले नवजात के विकास पर पड़ता है। सर्दी के मौसम में गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
जिला अस्पताल में इन दिनों प्रतिदिन 250 गर्भवती महिलाएं पहुंच रही हैं जिनमें से लगभग बीस महिलाओं का स्वास्थ्य बदलते मौसम में प्रभावित होता है। मौसम में बदलाव की वजह से गर्भवती महिलाओं को सर्दी, खांसी, संक्रमण और रूखी त्वचा की समस्या हो सकती है। इस समय लापरवाही घातक साबित हो सकती है। ऐसे में जच्चा-बच्चा पर दुष्प्रभाव न पड़े इसके लिए गर्भवती महिलाओं को विशेष तौर पर सावधानी बरतनी चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को पोषक व संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए। हर महीने जांच करवानी चाहिए। गर्भवती महिलाओं को कम से कम चार एएनसी चेकअप अवश्य कराने चाहिए। पहले तीन महीने में हर महीने डॉक्टर को दिखाना जरूरी है। इसके बाद हर तीन-तीन हफ्ते में नियमित जांच कराएं। दवाइयां सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही लेनी चाहिए क्योंकि इस दौरान बच्चे के अंग विकसित होते हैं और किसी भी दवा का गलत असर बच्चे के अंगों के विकास पर दुष्प्रभाव डाल सकता है।
गर्भवती महिलाएं हमेशा घर का बना ताजा खाना खाएं। गर्म कपड़े पहनें और गरम पानी का सेवन करें। सुबह उठने के बाद तुरंत बेडरूम से बाहर न निकलें बल्कि 15–20 मिनट तक उसी वातावरण में रहें जिससे शरीर बाहरी तापमान के अनुसार खुद को ढाल सके। घर से बाहर निकलते समय मास्क जरूर पहनें जिससे संक्रमण से बचाव हो सके।
- डॉ. शालिनी, स्त्री रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल
गर्भवती महिलाएं मौसमी फल और हरी सब्जियां, दूध, दही, गुड़, चना, दलिया आदि को भोजन में शामिल करें। पानी खूब पीएं और हल्का व्यायाम करें या 30 से 45 मिनट तक टहलें। ध्यान रखें कि गर्भावस्था जटिल न हो।
- डॉ. विशाखा दीक्षित, स्त्री रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल
डॉ. शालिनी, स्त्री रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज
डॉ. शालिनी, स्त्री रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज