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Noida News: प्रधान पति ने रची थी खुद के अपहरण की साजिश

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- विरोधी को फंसाने के लिए किया खेल, अब भेजा गया जेल
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- बहनोई को फोन पर बताया था बहुत मार रहे हैं, मार डालेंगे

संवाद न्यूज एजेंसी

हरदोई। संदिग्ध हालात में लापता हुए खद्दीपुर चैनसिंह के प्रधान के पति को पुलिस न सकुशल खोज लिया है। विरोधी को फंसाने के लिए उसने खुद पर जानलेवा हमला और अपहरण की साजिश रची थी। पुलिस ने प्रधान पति को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। बाद में उसे जेल भेज दिया गया।

अरवलके खद्दीपुर चैनसिंह निवासी यतीश सिंह उर्फ कल्लू की पत्नी अपर्णा सिंह ग्राम प्रधान हैं। 29 सितंबर की शाम यतीश के चचेरे भाई शोभित ने पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि दोपहर लगभग ढाई बजे यतीश ने अपने बहनोई सदुल्लीपुर निवासी देवेश कुमार को फोन किया था।
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बताया था कि उसे पीटा जा रहा है। कुछ लोग उसे मार डालेंगेे। यह भी बताया था कि हरदोई से चार पांच किलोमीटर दूर की घटना है। तलाश शुरू होने पर यतीश की कार हरदोई सांडी रोड पर छोटी मेढ़ू के पास खड़ी मिली थी। इसी में यतीश का मोबाइल भी मिला था।
घटना के खुलासे के लिए सर्विलांस टीम, शहर कोतवाली पुलिस और अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी की स्पेशल टीम भी लगाई गई थी। इसी दौरान पता चला कि यतीश देहरादून में है। वहां की पुलिस से संपर्क कर उसे हिरासत में लिया गया। हरदोई से भेजी गई पुलिस टीम उसे लेकर आ गई। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी ने बताया कि वीरेश सिंह उर्फ टिल्लू नाम के व्यक्ति को यतीश ने रुपये दिए थे। वह रुपये वापस नहीं कर रहा था। उसे फंसाने के लिए पूरी साजिश रची थी।
घटना का खुलासा करने वाली टीम में शहर कोतवाल संजय त्यागी, उपनिरीक्षक विश्वास शर्मा और सुनील कुमार, सर्विलांस सेल के दीवान आकाश और सिपाही ओमवीर व यादवेंद्र, पूर्वी जोन की स्पेशल टीम के रमापति दिवाकर, जितेंद्र सिंह, त्रिवेश कुमार, मंजेश कुमार, प्रदीप कुमार, गौरव कुमार थे।
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प्रेमिका को कॉल करते ही पुलिस को मिला सुराग

यतीश ने वीरेश को फंसाने के लिए साजिश रची थी, लेकिन उसकी प्रेमिका को कॉल करना उसके लिए मुसीबत बन गया। पुलिस अधिकारी बताते हैं कि यतीश खुद ही कार चलाकर मेढ़ू तक आया था। यहां से वह गमछे में चेहरा छिपाकर ई-रिक्शा से बिलग्राम चुंगी आया। बिलग्राम चुंगी से वह ई-रिक्शा से ही बिलग्राम तक गया। बिलग्राम से बस से वह कानपुर गया। कानपुर से वह देहरादून निकल गया। देहरादून पहुंचकर उसने अपनी प्रेमिका (स्वास्थ्य विभाग में आशा है) को एक व्यक्ति के मोबाइल से कॉल की। तब तक पुलिस को उसकी प्रेम कहानी के बारे में भी जानकारी हो चुकी थी। प्रेमिका के पास आए फोन का नंबर लेकर पुलिस ने यतीश का सुराग लगा लिया। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र बताते हैं कि इस दौरान 131 सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। इनमें लगभग 30 घंटे की फुटेज खंगाली गई और फिर कड़ी से कड़ी जुड़ती चली गई।
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