संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। ठंडी का मौसम शुरू हो गया है। लोगों को उम्मीद थी कि बिजली की कटौती से राहत मिलेगी, लेकिन बिजली कटौती बढ़ गई है। इससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सुबह के समय चार घंटे की कटौती से लोगों की दिनचर्या भी अस्त-व्यस्त हो जा रही है।
बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करने में मुश्किल हो रही है। शहर से लेकर देहात तक बिजली कटौती उपभोक्ताओं के लिए सिर दर्द बन गई है। सुबह बिजली गुल होने से पानी का संकट खड़ा हो रहा है तो रबी अभियान की तैयारी में लगे किसानों की भी चिंता बढ़ गई है। त्योहारों में उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली आपूर्ति मिली, लेकिन त्योहार बीतने के बाद बिजली की कटौती शुरू हो गई है। शहर से लेकर देहात तक बिजली उपभोक्ता इससे परेशान है। शहर में ट्रिपिंग की समस्या बनी हुई है।
बिजली की आवाजाही से उपभोक्ताओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। एक तो बिजली बार-बार कट रही है तो दूसरी तरफ जर्जर तार बदल कर केबल लगाने का कार्य होने से किसी ने किसी मोहल्ले में बिजली आपूर्ति ठप हो जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति और भी खराब हो गई है। सुबह के समय बिजली गुल हो जा रही है, जिसके कारण पानी का संकट खड़ा हो रहा है। स्थिति यह है कि सुबह सात बजे बिजली कट रही है और करीब 11 बजे आपूर्ति बहाल होती है। इस बीच घरों की छतों पर लगी पानी की टंकियां सूख जा रही हैं।
इससे बच्चों के लिए टिफिन तैयार करने और स्नान-ध्यान में दिक्कत आ रही है। दिन में भी बार-बार बिजली कटने का सिलसिला चल रहा है।
बिजली की कटौती के कारण रबी अभियान की तैयारी कर रहे किसानों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। वजह यह है कि खेतों में नमी बनाए रखने के लिए सिंचाई की जरूरत है। किसान सुधाकर पांडेय, संगम निषाद आदि ने बताया कि इस समय बिजली की कटौती बढ़ जाने से समस्या झेलनी पड़ रही है। मजबूरी में निजी संसाधनों से खेतों की सिंचाई करनी पड़ रही है।