डूब क्षेत्र में पिछले चार दिनों से बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित, बढ़ी परेशानी
आदित्य प्रताप सिंह
नोएडा। डूब क्षेत्र में पिछले चार दिनों से बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित है। एक तरफ बिजली की मार से रात की नींद गायब हो रही है। वहीं दूसरी ओर बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। क्षेत्र में बोतलबंद पानी के दाम दोगुने हो गए हैं, जबकि किराये पर जनरेटर देने वाले 300 से 600 रुपये प्रति घंटा वसूल रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली नहीं आने से घरों में पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हो गई है। मोटर नहीं चलने के कारण लोगों को पीने और दैनिक जरूरतों के लिए पानी खरीदना पड़ रहा है। नहाने और बर्तन धोने तक के लिए भी पानी नहीं बचा है। वैध कनेक्शन वाले लोगों को भी पर्याप्त विद्युत आपूर्ति नहीं मिल रही है। वर्तमान में इस क्षेत्र के वैध कनेक्शन धारक को दोपहर 12 से 1 बजे, शाम 4 से 5 बजे और रात 12 बजे से सुबह 4 बजे तक ही बिजली आपूर्ति की जा रही है। सीमित समय की इस आपूर्ति में लोग न तो घरेलू काम पूरे कर पा रहे हैं और न ही पानी का पर्याप्त इंतजाम कर पा रहे हैं।
धड़ल्ले से जारी है डूब क्षेत्र की रजिस्ट्री
सेक्टर-33ए स्थित उप निबंधन कार्यालय में धड़ल्ले से डूब क्षेत्र में रजिस्ट्री जारी है। हालांकि कृषि भूमि पर रजिस्ट्री हो सकती है लेकिन कृषि भूमि के नाम पर जमीन रजिस्ट्री कराकर उसे आवासीय तौर पर लोग विकसित कर रहे हैं। दरअसल इसके पीछे का कारण है कि कृषि भूमि सिर्फ कृषि के लिए आवासीय क्षेत्रों से किफायती दाम पर मिल जाती है। यही कारण है कि लोग कम दाम पर डूब क्षेत्र में जमीन खरीदकर वहां पिछले दो साल पहले से बसते चलते गए। पूरे पूरे मोहल्ले बन गए, गलियां विकसित हो गईं लेकिन बिजली का रोना धोना लगातार बना रहा है। यही कारण है कि अब डूब क्षेत्र के लोगों को बिजली पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
बिजली की आपूर्ति बाधित होने से हम जैसे नौकरीपेशा लोग रात में सही से सो नहीं पाते हैं। जिससे अगला दिन भी काफी मुश्किलों भरा गुजरता है। -मनोज उपाध्याय
लाइट न आने से पानी की बड़ी किल्लत हो रही है। बिजली के बिना तो रहा जा सकता है लेकिन पानी के बिना कैसे रहा जाय। -राजेंद्र पाठक
यहां पानी की बोतलों के दाम भी दोगुना हो गए हैं। पीने के पानी के लिए भी हम लोगों को सोचना पड़ रहा है। -राजकुमारी
इस गर्मी में बिना लाइट और पंखों के बच्चे पढ़ने को मजबूर हैं। इस वजह से बच्चे सही से पढ़ भी नहीं पा रहे हैं। -अमित कुमार शर्मा
किराये के जनरेटर से हम घर की पानी की टंकी भर रहे हैं। जनरेटर वाले भी 300 से 600 रुपये प्रति घंटा वसूल रहे हैं। -बब्बन सिंह
मेरा वैध कनेक्शन है, इसके बावजूद मुझे कुछ ही घंटे की विद्युत सप्लाई की जा रही है। लोगों की मदद करने से भी रोका जा रहा है। -हरकिशोर कुंवर
राजकुमारी
राजकुमारी
राजकुमारी
राजकुमारी
राजकुमारी