ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बिना कंप्लीशन के ही पजेशन देने के मामले में चार ग्रुप हाउसिंग को चिह्न्ति कर लिया है। अब इनकी बिल्डर कंपनियों को प्राधिकरण नोटिस जारी करेगा। ग्रेटर नोएडा में करीब 68 से 70 ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी में लोग रह रहे हैं।
इनमें से कई ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी ऐसी हैं, जहां कंप्लीशन लिए बिना ही बिल्डर ने आवंटियों को उनके फ्लैट दे दिए हैं। जबकि इन इमारतों में रहने वाले आवंटी बहुत सारी सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। कंप्लीशन के अभाव में इनके घरों की रजिस्ट्री भी नहीं हो पाती। कई बार तो कंप्लीशन लिए बिना ही रह रहे आवंटी किसी घटना के होने के बाद भी बिल्डर की शिकायत नहीं कर पाते।
वहीं प्राधिकरण का निर्देश है कि जब तक बिल्डर आवंटियों को उन सभी सुविधाओं को मुहैया नहीं कराता जो कि उनके प्रोजेक्ट में वादा किया हो। तब तक प्राधिकरण उन्हें इसका कंप्लीशन नहीं देता है, जिससे आवंटियों के हितों की सुरक्षा हो सके। पिछले दिनों बिना कंप्लीशन लिए ग्रुप हाउसिंग में घटनाएं सामने आई थीं।
एक बिल्डर प्रोजेक्ट में रह रहे निवासियों को पीने के पानी के टैंक में सीवरेज टैंक की लीकेज हो गई थी, जिससे कई बच्चे बीमार पड़ गए थे। वहीं एक बिल्डर सोसाइटी ने करीब एक हजार आवंटियों को फ्लैट सौंप दिए थे।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बिना कंप्लीशन के आवंटियों को उनके फ्लैट में रहने की इजाजत दे दी है। इससे आवंटियों के हितों का नुकसान हो रहा है। बिना कंप्लीशन लिए आवंटियों को बसाने वाले प्रोजेक्टों का निरीक्षण कराया गया है। चार ग्रुप हाउसिंग की पहचान की गई है। इन्हें नियमानुसार नोटिस जारी कर कारण बताने के लिए कहा गया है।
- पीसी गुप्ता, एसीईओ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण