नूंह। जिले में नगर पालिका के अधिकारियों की मनमानी के चलते एक साल में भी गरीबों का आशियाना नहीं बन सका है। स्थिति यह है कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के पात्र लोगों को मंजूरी के बाद भी दूसरी किस्त जारी नहीं की गई है। हालांकि इसके लिए उन्होंने नगर पालिका प्रशासन, उपायुक्त और मुख्यमंत्री तक से गुहार लगाई है, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं की गई है।
सहाबुद्दीन, इसहाक, गुलद्दीन, जुबेदा, असमीना आदि ने बताया कि उनके मकानों की पहली किस्त पिछले साल दी गई थी। जिसमें सिर्फ चारदीवारी का ही काम हो सका है। उसके बाद छत के लिए दूसरी किस्त मिलनी थी। लेकिन आज तक कई बार चक्कर काटने के बाद भी इसे जारी नहीं किया जा रहा है। ऐसे में वे लोग बिना छत रहने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि आवेदन के बाद मंजूरी भी मिल गई थी। इसके बाद योजना के तहत प्लाट का नक्शा बनवाने के साथ ही अन्य सभी जरूरी कागजात भी नगर पालिका में जमा करा दिए थे। इस पर अधिकारियों द्वारा उनके प्लाटों का सर्वे भी किया गया था। वहीं योजना के तहत मंजूर राशि भी नगर पालिका में काफी समय पहले ही आई हुई है, लेकिन इसके बाद भी मकान बनाने के लिए उनको पहली किस्त भी अभी तक नहीं दी गई है।
वहीं नगरपालिका व जिला प्रशासन की लापरवाही के चलते अधिकतर लोगों को आवेदन के के चार साल बाद भी मकान नहीं मिले हैं। इसमें नूंह, फिरोजपुर झिरका, पुन्हाना व तावडू सहित जिले के अन्य क्षेत्रों में लोग भी हैं।
मिलने हैं ढाई लाख रुपये
लोगों के अनुसार योजना के तहत उन्हें ढाई लाख रुपये मिलने हैं। हालांकि कुछ लोगों को पहली किस्त दे दी गई है, वहीं काफी लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें अब तक पहली किस्त भी नहीं मिली है।
वर्जन
एक साल से नगर पालिका में अधिकतर पद रिक्त हैं। वहीं सचिव कभी कार्यालय में नहीं बैठते हैं। इस बारे में उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई है। शहर में बहुत सारे लोग इस योजना से वंचित है। जल्द ही उपायुक्त से मिलकर इस योजना की किस्त जारी करवाने का प्रयास किया जाएगा। - सीमा सिंगला, चेयर पर्सन नूंह नगर पालिका
आवास योजना के लाभार्थियों ने किया प्रदर्शन
फिरोजपुर झिरका। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लाभार्थियों ने बृहस्पतिवार को नगर पालिका कार्यालय पर प्रदर्शन किया। लाभार्थी शिवकुमार, पप्पी, सुरेश आदि लोगों का कहना है कि उन्होंने नगर पालिका द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज कार्यालय में जमा करा दिए थे। इसके बाद उन्हें सरकार द्वारा पहली किस्त जारी कर दी गई। उन्होंने अपने मकान का लेंटर डलवाने का काम भी लोगों से कर्ज लेकर किया है। लेकिन विभाग के कर्मचारी और अधिकारी सरकार द्वारा दी जा रही योजनाओं का लाभ देने से कतरा रहे हैं। वहीं पालिका सचिव ललित गोयल बताया कि जल्दी ही सारी फाइलों की जांच कर लाभार्थियों को दूसरी किस्त डाल दी जाएगी। संवाद