जिले में 6436 हाइब्रिड वाहन हैं पंजीकृत
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिले में पेट्रोल मशीन से ही स्ट्रांग हाइब्रिड वाहनों के प्रदूषण की जांच होगी। परिवहन विभाग के अनुसार हाइब्रिड वाहन में पेट्रोल का भी विकल्प रहता है। ऐसे में इन वाहनों के प्रदूषण की जांच भी पेट्रोल मशीन से की जाएगी। बता दें, हर वाहन के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है। ऐसे में वाहन चाहे हाइब्रिड हो या इलेक्ट्रिक सभी की जांच जरूरी है।
परिवहन विभाग के अनुसार हाइब्रिड वाहन मालिक इस सवाल को लेकर परिवहन विभाग में पहुंचते थे कि वाहन की प्रदूषण जांच कहां पर कराएं। प्रदूषण जांच केंद्रों में डीजल और पेट्रोल वाहनों की जांच के लिए ही मशीन होती है। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार हाइब्रिड वाहनों की जांच पेट्रोल गाड़ियों के प्रदूषण जांच मशीन से ही होगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए गाड़ी को पेट्रोल मोड में करना होगा, जिसके बाद मशीन से जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि हाइब्रिड कार की प्रदूषण जांच का शुल्क वहीं लगेगा, जो पेट्रोल कारों का लगता है। जिले के 100 से अधिक वाहन प्रदूषण जांच केंद्रों पर यह सुविधा है। परिवहन विभाग के अनुसार जिले में 6436 हाइब्रिड वाहन पंजीकृत हैं। इन गाड़ियों पर ही सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाती है। बता दें यह वाहन बेहतर माइलेज, कम ईंधन की खपत, कम उत्सर्जन के लिए जाने जाते हैं। यह वाहन इलेक्ट्रिक मोटर और पेट्रोल इंजन के मिश्रण का उपयोग करते हैं, जिससे शहर में कम गति पर विद्युत शक्ति का उपयोग किया जा सकता है।