नोएडा-ग्रेनो डार्क रेड जोन में पहुंचे, स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक
ग्रेटर नोएडा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा की आबोहवा बिगड़ती जा रही है। बृहस्पतिवार को अभी तक का सबसे अधिक वायु प्रदूषण स्तर दर्ज किया गया। नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 450 और ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 457 रहा। जबकि, बुधवार की रात दोनों शहर का एक्यूआई 500 के पार पहुंच गया था। दोनों शहर का रेड जोन से डार्क रेड जोन में पहुंच गए हैं जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। लोगों के लिए सांस लेना दूभर हुआ। साथ ही, आंखों में जलन ने भी परेशानी बढ़ाकर रख दी है।
15 अक्तूबर के बाद से दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। 4 नवंबर तक एक बार ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 400 के पार पहुंचा था, लेकिन बृहस्पतिवार को ग्रेटर नोएडा के साथ-साथ नोएडा का एक्यूआई भी 450 के पार पहुंच गया। शाम को चार बजे जारी केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के बुलेटिन में नोएडा का एक्यूआई 450 और ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 457 रहा। नोएडा के सभी मॉनिटरिंग स्टेशन का एक्यूआई 400 के पार है। वहीं, ग्रेटर नोएडा की भी यही स्थिति है। ग्रेनो वेस्ट के नॉलेज पार्क पांच व तीन के मॉनिटरिंग स्टेशन का एक्यूआई बराबर रहा। बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 468 दर्ज किया गया जबकि दोपहर 2 बजे 480 पहुंच गया। हालांकि, सुबह 350 से 380 के बीच रहा।
देश का चौथा सबसे प्रदूषित शहर रहा ग्रेनो
ग्रेटर नोएडा बृहस्पतिवार को देश का चौथा सबसे प्रदूषित शहर रहा। पहले नंबर पर मुरादाबाद (एक्यूआई 489), दूसरे नंबर पर बुलंदशहर (एक्यूआई 469) और तीसरे नंबर पर बागपत व गाजियाबाद (एक्यूआई 464) रहे। वहीं, दिल्ली के साथ नोएडा संयुक्त रूप से सातवें स्थान पर रहा। दिल्ली-एनसीआर का सबसे अधिक प्रदूषित शहर गाजियाबाद दर्ज किया गया।