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Noida News: 163 करोड़ रुपये की तपिश में चढ़ा सियासी पारा

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आप ने भाजपा व केंद्र सरकार पर हमला बोला, भाजपा ने आप पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के सूचना विभाग की ओर से 163 करोड़ रुपये की वसूली के नोटिस की तपिश में सियासी पारा गरम हो गया है। आप व दिल्ली की चुनी हुई सरकार ने इस मामले में भाजपा व केंद्र सरकार पर हमला बोला है, जबकि भाजपा ने आप पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि केंद्र सरकार और भाजपा दिल्ली में आप नेताओं पर निशाना साधने के लिए नौकरशाही का दुरुपयोग कर रही है। वहीं, आप सचिव पंकज गुप्ता ने सूचना व प्रचार निदेशालय को पत्र लिखकर विज्ञापनों का हिसाब मांग है। दूसरी तरफ प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि नोटिस के तहत रुपये न देने की स्थिति में आप का खाता सीज करके वसूली की जाए। इसके अलावा दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने आरोप लगाया है कि मनीष सिसोदिया गुमराह कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी से राशि वसूलने का आदेश सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने दिया है। दिल्ली सरकार इस मामले में कोर्ट से भी हार चुकी है।


राजनीतिक हित साधने के लिए अधिकारियों की आड़ ले रही भाजपा : सिसोदिया
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आप और उसके नेताओं को परेशान करने के लिए केंद्र सरकार नौकरशाही का दुरुपयोग कर रही है। इसके पीछे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जनहित के काम करने से रोकने की भी मंशा है।
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उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री को नोटिस जारी किया जा रहा है, वहीं भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के मामले में चुप्पी साध रखी है, जबकि दिल्ली के अखबार भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के विज्ञापनों से भरे पड़े हैं। दरअसल उपराज्यपाल के जरिये भाजपा दिल्ली सरकार के अफसरों के ऊपर असांविधानिक कब्जा जमाकर उनका मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है। उपराज्यपाल का सेवा विभाग पर नियंत्रण होने के कारण उन्होंने अधिकारियों पर दबाव डालकर मुख्यमंत्री के खिलाफ ऐसा नोटिस जारी कराया। भाजपा राजनीतिक हित साधने के लिए अधिकारियों की आड़ ले रही है।
सिसोदिया ने दिल्ली सचिवालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दिल्ली सरकार के अफसरों के ऊपर भाजपा ने केंद्र सरकार के माध्यम से पिछले सात साल से असांविधानिक नियंत्रण कर रखा है और भाजपा लगातार अफसरों का असांविधानिक तरीके से दुरुपयोग करती रही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार के सूचना विभाग की सचिव एलिस वाज ने अरविंद केजरीवाल को वर्ष 2016-17 के आसपास दिल्ली सरकार के दिल्ली से बाहर जारी हुए विज्ञापनों के लिए 163 करोड़ रुपये की वसूली का नोटिस भेजा है। साथ ही उन्होंने केजरीवाल को कानूनी रूप से चेतावनी दी है कि 163 करोड़ रुपये 10 दिन के अंदर जमा नहीं कराने की स्थिति में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि एलिस वाज नेे भाजपा के कहने पर केजरीवाल को चेतावनी दी है।



आम आदमी पार्टी का खाता सीज कर वसूली की जाए : मनोज तिवारी
प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने सूचना विभाग की ओर से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नोटिस जारी करने के बाद आम आदमी पार्टी को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आप का चेहरा चमकाने के लिए मुख्यमंत्री केजरीवाल ने जनता के पैसों को पानी की तरह बहाया है। इस कारण सूचना विभाग ने केजरीवाल को 163.61 करोड़ रुपये का जमा कराने का नोटिस भेजा है। उनकी ओर सेे यह राशि जमा नहीं कराने की स्थिति में आम आदमी पार्टी के खाते को तुरंत प्रभाव से सीज किया जाए।
पार्टी कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में मनोज तिवारी ने कहा कि जिन पैसों से दिल्ली का चौतरफा विकास होना था, उन पैसों को केजरीवाल ने दूसरे राज्यों में अपनी पार्टी और अपने नेताओं का चेहरा चमकाने में खर्च कर दिया, वहीं 10 दिन के अंदर 163 करोड़ रुपये की वसूली का नोटिस जारी होेने पर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया बौखला गए हैं और एक बार फिर से अराजकता का परिचय दे रहे है।
उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले पर स्वयं मुख्यमंत्री को सामने आकर बात रखनी चाहिए। उनके 62 विधायकों में से जिनके भी चेहरे इन पैसों से चमकाने की कोशिश की गई है, उनके खाते से इस पूरी रकम की वसूली होनी चाहिए। प्रदेश प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि आज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जनता के प्रति जवाबदेह हैं। इस दौरान मीडिया रिलेशन सह-प्रमुख विक्रम मित्तल भी उपस्थित थे।



वसूली का आदेश आम आदमी पार्टी की कारस्तानियों का नतीजा : बिधूड़ी
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया अपनी आदत के अनुसार एक बार फिर झूठ बोलकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री केजरीवाल से विज्ञापनों की एवज में जो 163 करोड़ रुपये की वसूली का आदेश जारी हुआ है, वह आम आदमी पार्टी की कारस्तानियों का ही नतीजा है। भाजपा व दिल्ली की अफसरशाही को इससे कुछ लेना-देना नहीं है।
उन्हाेंने कहा कि मनीष सिसोदिया शरारतपूर्ण तरीके से इस मामले को दिल्ली के अफसरों पर नियंत्रण के मामले से जोड़ रहे हैं, जिस पर इन दिनों सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। सच्चाई यह है कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में सरकार बनाने के बाद जनता के खून पसीने की कमाई को जिस तरह से दोनों हाथों से लुटाया, उसी पर सुप्रीम कोर्ट निर्देशित कमेटी ने ही दिल्ली सरकार से कहा कि यह राशि आम आदमी पार्टी से वसूल की जाए। इस आदेश के खिलाफ दिल्ली सरकार हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी जा चुकी है, लेकिन वहां से भी उसे कोई राहत नहीं मिली इसलिए अब इस वसूली का आदेश दिया गया है। मनीष सिसोदिया जान-बूझकर इन सारे तथ्यों को छिपा रहे हैं।
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क्रिसमस और नए साल के विज्ञापन अन्य राज्यों में छपवाती है दिल्ली सरकार : सचदेवा
प्रदेश भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि आम आदमी पार्टी एवं दिल्ली सरकार आज विज्ञापन दुरुपयोग मामले में भोली बनी हुई है। वह दिखा रही है कि सभी राज्य सरकारें अन्य राज्यों में विज्ञापन देती हैं। इस मामले में उन्होंने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से सवाल किया कि कितनी राज्य सरकारों को उन्होंने आज तक क्रिसमस और नए साल का विज्ञापन विभिन्न राज्यों के अखबारों में छपवाते हुए देखा है, जबकि केजरीवाल सरकार अन्य राज्यों में इसके विज्ञापन छपवाती है।
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