ग्रेटर नोएडा। महिला दरोगा समेत कई पुलिसकर्मियों पर बीटा-1 सेक्टर निवासी वृद्धा से मारपीट व अभद्रता का आरोप लगाते हुए परिजनों ने न्यायालय में गुहार लगाई है। परिजनों का कहना है कि पांच माह बाद भी कार्रवाई न होने पर न्याय की आस अब केवल न्यायालय से ही है। वृद्धा के परिजन ने न्यायालय में सुनवाई के लिए याचिका दायर की है। आरोप है कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस अधिकारी तमाम अपराधियों पर कार्रवाई करने का दावा करते हैं, लेकिन जब स्वयं पुलिस अधिकारी ही मारपीट व अभद्रता करते हैं तो उन पर कार्रवाई नहीं होती।
सेक्टर बीटा-1 में रहने वाली समाजसेवी वृद्धा कमलेश सिंह से मारपीट व अभद्रता करने वाली महिला दरोगा समेत कई पुलिसकर्मियों पर पांच महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले में कमेटी बनाकर जांच भी कराई और बयान भी दर्ज कराए। इसके बावजूद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते मजबूर होकर उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। वहीं, अब न्यायालय ने पुलिस से क्या कार्रवाई की, यह जवाब तलब किया है।
‘झूठी शिकायत पर बगैर जांच किए अवैध हिरासत में रखा’
बीटा-1 सेक्टर में रहने वाली वृद्धा कमलेश सिंह व बेटे को बीटा-2 पुलिस ने पड़ोसी महिला की शिकायत पर हिरासत में लिया था। आरोप है कि पुलिस ने महिला की झूठी शिकायत पर बगैर जांच किए उन्हें अवैध हिरासत में लिया। इस दौरान एक महिला दरोगा व कई अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया। मारपीट में उनके बेटे के कान का पर्दा भी फट गया था। इसके बाद मामला तूल पकड़ गया। शहर के कई सामाजिक संगठन वृद्धा के समर्थन में खड़े हो गए। वृद्धा व महिला शक्ति सामाजिक समिति समेत कई महिला संगठनों के सदस्यों ने पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि वृद्धा कई समाजसेवी संगठनों से जुड़ी हैं और वह शहर के थानों में पहुंचकर लोगों की मदद भी करती थी। पुलिस ने बदले की भावना से यह कार्रवाई की है।