गाजियाबाद। किसानों का मुख्यमंत्री से मिलकर उनको अपनी समस्या बताने का इरादा अधूरा रह गया। पुलिस ने किसी को रास्ते में रोका तो किसी को हाउस अरेस्ट कर लिया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से जाने के बाद किसानों को छोड़ा गया। किसानों ने इसे अफसरों की मनमानी करार दिया। मुख्यमंत्री का काफिला जिले से बाहर होने पर अफसरों ने राहत की सांस ली।
बृहस्पतिवार को मुरादनगर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से किसानों ने मिलने की तैयारी की थी। पुलिस इसको लेकर अलर्ट थी। तड़के ही पुलिस भाकियू चढ़ूनी के राष्ट्रीय महासचिव मनोज नागर के इकला व जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी के सरना स्थित आवास पर पहुंच गई। दोनों को हाउस अरेस्ट कर लिया।
इस पर किसान नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। इसी बीच उनके समर्थक मुख्यमंत्री से मिलने के लिए निकल पड़े। पुलिस ने उनको हिरासत में ले लिया। इसको लेकर जगह-जगह हंगामे की स्थिति बनी रही। पुलिस ने किसी को भी कार्यक्रम स्थल तक जाने नहीं दिया।
वहीं, पाइपलाइन मार्ग स्थित मकरेड़ा गांव में विकास संघर्ष समिति के सचिव सलेक भैया को उनके घर पर पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वह नगर निगम की शिकायत के लिए मुख्यमंत्री से मिलने के लिए जा रहे थे। हाउस अरेस्ट किए गए नेताओं ने कहा कि पुलिस अफसरों के इशारे पर मनमानी कर रही है।