किसानों को धरना स्थल से उठाकर बसों में ठूंसा, दो महिलाएं हुईं बेहोश
45 मिनट के लिए एक्सप्रेसवे का ट्रैफिक रोका, लगा जाम
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-95 स्थित दलित प्रेरणा स्थल पर बैठे किसानों का धरना मंगलवार को पुलिस ने बलपूर्वक खत्म करवा दिया। पुलिस ने किसान नेताओं, किसानों व महिलाओं को धरने से हटाकर जबरदस्ती बसों में ठूंस दिया। इस दौरान दो महिलाएं बेहोश भी हो गईं। इसके बाद बसें 160 किसानों को लुक्सर जेल ले गईं। हालांकि, जेल प्रशासन ने 123 किसानों को लाने की बात कही है।
वहीं, किसानों को हटाने के दौरान महामाया फ्लाईओवर के पास बैरिकेडिंग कर करीब 45 मिनट के लिए एक्सप्रेसवे का ट्रैफिक रोककर कालिंदीकुंज और सेक्टर-38 की तरफ मोड़ा गया। इससे घंटों जाम के हालात रहे, जिससे लोगों को परेशान होना पड़ा। इधर, किसानों को जेल भेजने के विरोध में किसान संगठन लामबंद हो गए हैं। भारतीय किसान यूनियन ने सिसौली में पंचायत कर इस कार्रवाई के विरोध में ग्रेनो के जीरो प्वांट पर बुधवार को महापंचायत का ऐलान किया है।
संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले आंदोलन कर रहे किसानों में नोएडा, ग्रेनो व यीडा क्षेत्र के किसान शामिल हैं। किसानों की प्रमुख मांगें 10 प्रतिशत आबादी के प्लॉट व नए कानून के मुताबिक मुआवजा व संपूर्ण आबादी निस्तारण को लेकर हैं। प्राधिकरण स्तर पर मांगें पूरी न होने पर किसानों ने सोमवार को महामाया फ्लाईओवर के पास दोपहर 12 बजे दिल्ली कूच किया था। इस दौरान पुलिस व किसानों के बीच झड़प भी हुई थी। शासन स्तर पर वार्ता कराने का आश्वासन देने से किसान मान गए थे और एक्सप्रेसवे की सड़क से हटकर दलित प्रेरणा स्थल परिसर में धरने पर बैठ गए थे। किसानों ने यह ऐलान किया था कि 7 दिन में वार्ता के साथ मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे दिल्ली कूच करेंगे। किसानों ने दलित प्रेरणा स्थल में खानपान, रजाई व गद्दों समेत अन्य इंतजाम कर लिए थे।
ऐसे खत्म कराया धरना
मंगलवार सुबह धरना स्थल पर किसानों ने हवन किया। दोपहर 12 बजे अचानक पुलिस के बड़े अधिकारी पहुंच गए। पहले पुलिस ने किसानों को हटने के लिए कहा। इस पर नेता नहीं माने। इस बीच बसें मंगाईं गईं। दोपहर एक बजे बसों में किसानों को जबरन भरा जाने लगा। संयुक्त मोर्चा के किसान नेता सुखबीर खलीफा, रूपेश वर्मा, पवन खटाना समेत अन्य किसानों को हिरासत में लेकर बस में बैठा दिया गया। किसान नेता नारेबाजी करते हुए बस में सवार हुए। फिर वीडियो जारी कर आगे आंदोलन बड़ा होने का दावा किया और पुलिस कार्रवाई की निंदा की। खलीफा ने कहा कि पुलिस की इस कार्रवाई से आंदोलन खत्म होने वाला नहीं है। मौके पर बैठी महिलाओं ने कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन पुलिस उन्हें वाहनों में भरकर ले गई।
एक्सप्रेसवे पर जाम से जूझे हजारों लोग
धरने को देखते हुए मंगलवार सुबह करीब नौ बजे से ही किसान दलित प्रेरणा स्थल में पहुंचने शुरू हो गए थे। किसानों ने सड़क के दोनों तरफ गाड़ियां खड़ी कर दी थीं। इस बीच किसानों को बैठाने के लिए रोडवेज की बसें भी आनी शुरू हो गईं। ऐसे में सड़कों की दोनों तरफ अधिक संख्या में वाहन खड़े होने से जाम लग गया। दोपहर एक बजे किसानों की हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही, यातायात व्यवस्था धराशायी हो गई। इस वक्त बैरिकेडिंग कर ट्रैफिक डायवर्जन भी प्रभावी किया गया। एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-128 से लेकर दलित प्रेरणा स्थल तक जाम लग गया। इसका असर कालिंदी कुंज पर दिल्ली की तरफ से आने वाले रास्ते पर भी पड़ा। इसी तरह चिल्ला बॉर्डर से थोड़ा आगे सेक्टर-14 फ्लाईओवर के नीचे से महामाया फ्लाईओवर तक जाम लग गया। शाम 3 बजे के स्थिति सामान्य हुई।