ये सबूत बने एल्विश के गले की फांस
आपको बता दें कि रेव पार्टी में सांपों के जहर सप्लाई करने के मामले में घिरे यूट्यूबर एल्विश यादव पर सांपों के साथ का वायरल वीडियो भारी पड़ गया। इसके साथ ही सपेरों से जुड़े कई लोगों के साथ ऑडियो व सपेरों से बरामद विष की एफएसएल रिपोर्ट एल्विश की गिरफ्तारी और जेल जाने का कारण बन गया। ऑडियो, वीडियो व एफएसएल रिपोर्ट जब पुलिस ने कोर्ट में रखा तब कोर्ट ने एल्विश को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
बहुचर्चित यूट्यूबर एल्विश यादव पुलिस की नोटिस पर रविवार को नोएडा आया था। उसे यह अहसास नहीं था कि पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकती है। इस कारण वह केवल दो लोगों के साथ आया। पिछले बार की तरह इस बार उसके साथ वकीलों की फौज नहीं थी। एल्विश रविवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे सेक्टर-73 स्थित फार्म हाउस पहुंचा। इसके बाद पुलिस की एक टीम उससे पूछताछ करने वहां गई।
पुलिस की टीम उससे पूछताछ करने के लिए अपने साथ सेक्टर-29 पुलिस चौकी ले गई और वहां पूछताछ के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। जब पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और मेडिकल कराने जिला अस्पताल पहुंची तब भी उसके चेहरे पर कोई डर का भाव नहीं था। नोएडा पुलिस ने इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम बहुत ही चुपचाप किया।
पुलिस को यह आशंका थी कि अगर एल्विश की गिरफ्तारी जल्दी फैल गई तो उसके फॉलोवर्स आकर हंगामा कर सकते हैं। इस कारण पुलिस अधिकारियों ने इस पूरे ऑपरेशन को गोपनीय रखा। जब पुलिस की टीम एल्विश यादव को लेकर सूरजपुर कोर्ट पहुंची और वहां अपना पक्ष रखा तो एल्विश के वकील का तर्क काम नहीं आया। पुलिस सभी साक्ष्यों, एफएसएल रिपोर्ट को कोर्ट के सामने रखकर अपील की थी कि एल्विश यादव का बाहर रहना वन्य जीव के लिए खतरनाक है। बाहर रहकर यह साक्ष्यों के साथ खिलवाड़ भी कर सकता है।