अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। स्टेडियम व खेल उपकरणों की बदहाली के कारण दो होनहार खिलाड़ियों की जान जाने के बाद हरियाणा खेल विभाग की नींद खुली है। पहली बार प्रदेशभर के खेल मैदानों और स्टेडियमों को ए, बी, सी और डी ग्रेड में वर्गीकृत करने का फैसला लिया गया है। इस वर्गीकरण के आधार पर खेल अधिकारियों की सीधी जिम्मेदारी निर्धारित होगी और खेल मंत्री खुद इसकी निगरानी करेंगे। पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम स्थित कॉन्फ्रेंस हाल में शुक्रवार को खेल मंत्री गौरव गौतम ने तीन घंटे तक विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए।
खेल राज्यमंत्री ने कहा कि राज्य के खेल ढांचे के वैज्ञानिक मूल्यांकन के लिए खेल मैदानों और स्टेडियमों को ए, बी, सी और डी ग्रेड में बांटा जाएगा। साथ ही प्रदेशभर में संचालित फर्जी खेल नर्सरियों पर पूरी तरह रोक लगेगी। मंत्री ने कहा कि खेल सुविधाओं में सुधार के साथ अब अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही भी तय की जा रही है। वे स्वयं इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और समय-समय पर प्रगति समीक्षा भी करेंगे।
मंत्री ने कहा कि इन ठोस कदमों से न केवल खेलों का आधारभूत ढांचा सशक्त होगा बल्कि खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर, सुरक्षित माहौल मिलेगा। बैठक में खेल विभाग के निदेशक संजीव वर्मा, अतिरिक्त खेल निदेशक अश्वनी मलिक, जोन के उप निदेशक व सभी जिला अधिकारी मौजूद रहे।
खेल मैदानों का वर्गीकरण
ए ग्रेड -
ये खेल मैदान उत्कृष्ट एवं सुरक्षित व तत्काल अभ्यास योग्य होंगे।
बी ग्रेड -
ये मैदान सामान्य लेकिन खेलने योग्य होंगे।
सी ग्रेड -
ये मैदान मरम्मत के बाद उपयोग योग्य होंगे।
डी ग्रेड -
पूरी तरह प्रतिबंधित स्टेडियम होंगे। इनके उपयोग की अनुमति नहीं होगी।
30 दिन में बदहाल स्टेडियमों व उपकरणों का ब्योरा मांगा, 3 माह में सुधार के निर्देश
खेल मंत्री ने प्रदेशभर के बदहाल स्टेडियमों और सभी खेल उपकरणों व आवश्यक बजट का विस्तृत ब्योरा मांगा है। साथ ही तीन माह के अंदर सभी स्टेडियम व उपकरणों की हालत दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। इसमें लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों को सीधा निलंबित किया जाएगा। मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि पूरे प्रदेश में खेल स्टेडियमों और मैदानों की मरम्मत और पुनर्विकास के लिए 114 करोड़ रुपये पहले ही जारी किए जा चुके हैं। जिला खेल परिषद में उपलब्ध राशि से जिला स्तर के खेल मैदानों का कायाकल्प होगा।
जर्जर स्टेडियमों व भवनों पर खिलाड़ियों के अभ्यास पर तत्काल रोक
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंचायत, नगर पालिका, नगर परिषद और हुडा के तहत आने वाले सभी खेल मैदानों, स्टेडियमों और उपकरणों की तत्काल संयुक्त जांच करवाकर विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाए। जर्जर स्टेडियमों व भवनों में खिलाड़ियों के अभ्यास पर तत्काल रोक लगाई जाए। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विभागों की ओर से निर्धारित समय में स्टेडियमों में सुधार करवाए जाएंगे। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर संबंधित जिला खेल अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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रोहतक की जांच पर मंत्री बोले- जल्द रिपोर्ट मिलेगी
रोहतक में राष्ट्रीय खिलाड़ी हार्दिक की मौत के मामले में जांच कमेटी बनाने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि जल्द ही इसकी रिपोर्ट आएगी। वहीं, पंचायत के स्टेडियम में खिलाड़ी की मौत पर खेल अधिकारी को निलंबित करने पर उठ रहे सवाल पर मंत्री ने कहा कि वह स्टेडियम पंचायत के अधीन है लेकिन खेल अधिकारी जांच करके पंचायत विभाग को सुधार करने की जानकारी दे सकता है।