संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जिले में बिना अनुमति चल रहे प्ले स्कूल का संचालक जल्द पंजीकरण करवा लें, अन्यथा यह बंद कर दिए जाएंगे। इसमें किसी प्रकार की ढिलाई व लापरवाही नहीं बरती जाएगी। अभिभावक भी बच्चे का प्ले स्कूल में दाखिला करने से पहले शिक्षण संस्थान की मान्यता संबंधी जांच कर लें। यह बात हरियाणा बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य अनिल कुमार ने कही।
उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा, अधिकारों की रक्षा, निजी संस्थानों व एजेंसियों की गतिविधियों की नियमित रूप से समीक्षा की जाए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारियों को आदेश दिए कि जिले में चल रहे सभी प्ले-वे स्कूलों की सूची तैयार की जाए। इसमें पंजीकृत, लंबित पंजीकरण व अपंजीकृत प्ले स्कूलों की सूची बनाने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पंजीयन के लिए संचालक सरल हरियाणा के पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने सभी महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी, सुपरवाइजर को उनके क्षेत्र के प्ले स्कूलों का पंजीकरण खंड शिक्षा अधिकारी और जिला बाल संरक्षण इकाई की सहायता करवाएं। आयोग के सदस्य श्याम शुक्ला ने कहा ने कि यदि किसी विद्यालय में बच्चों से शोषण से संबंधित कोई मामला संज्ञान में आता है, तो उसमें देरी न करें और तत्काल कार्रवाई के लिए जिला बाल कल्याण समिति को सूचित करें। बच्चों की सुरक्षा व उनके अधिकारों की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि प्ले स्कूल पंजीकरण का कार्य नियमानुसार करवाया जा रहा है। जिला महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी मिक्षा रंगा ने सभी निजी प्ले स्कूल संचालकों से पंजीकरण करवाना सुनिश्चित करने के लिए कहा। बिना पंजीकरण के चल रहे प्ले स्कूलों को नियमानुसार बंद करवा दिया जाएगा और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान बाल कल्याण समिति सदस्य पूनम ग्रेवाल, अधिवक्ता मोनिका रानी, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलता महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी कुसुम लता, किरण, जिला बाल संरक्षण अधिकारी रंजन शर्मा, संरक्षण अधिकारी आंचल त्यागी आदि मौजूद रहे।
प्ले स्कूल और अधिकारियों की बैठक लेते आयोग सदस्य। संवाद- फोटो : संवाद