महिला के पेट में प्लास्टिक की नली छोड़ने से मौत, केस दर्ज
दनकौर। ऊंची दनकौर निवासी एक व्यक्ति ने कस्बे की क्लीनिक संचालिका पर पत्नी का जबरन गर्भपात करने और गर्भपात के दौरान छोटी प्लास्टिक की नली पेट में छोड़ देने का आरोप लगाया है। आरोप है कि इससे पत्नी की मौत हो गई। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी क्लीनिक संचालिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। बताया जाता है कि महिला सपा के महिला मोर्चा की पूर्व जिला उपाध्यक्ष रह चुकी है।
दनकौर निवासी अफसर ने शिकायत में कहा है कि मार्च में उसकी पत्नी साहिमा के पेट में अचानक दर्द हुआ था। वह गर्भवती पत्नी को धनौरी रोड पर स्थित क्लीनिक संचालिका मंजू के पास ले गया था। आरोप है कि क्लीनिक संचालिका ने रुपये ऐंठने के लिए जबरन गर्भपात कर दिया। कुछ दिनों बाद ही पत्नी की तबीयत फिर बिगड़ गई। वह पत्नी को ग्रेटर नोएडा के एक अस्पताल में ले गया। अस्पताल में करीब 6 माह तक इलाज कराने के बाद अक्तूबर में पत्नी की मौत हो गई। अस्पताल के चिकित्सकों ने जांच में पाया कि क्लीनिक संचालिका ने गर्भपात कराने के दौरान पेट के अंदर प्लास्टिक की छोटी नली छोड़ दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई।
आरोप है कि जब वह क्लीनिक पहुंचा तो फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर भगा दिया गया। स्थानीय पुलिस से शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। आला अधिकारियों के शिकायत करने पर शुक्रवार देर शाम पुलिस ने क्लीनिक संचालिका मंजू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाली प्रभारी अखिलेश प्रधान का कहना है कि आरोपी के खिलाफ गर्भपात करने और गैर इरादतन हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
आरोप निराधार, सलाह के लिए आए थे
क्लीनिक संचालिका मंजू ने कहा कि उस पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। दंपती उनके पास केवल सलाह के लिए आया था।