यमुना एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स से बचने के लिए लोगों ने इंस्पेक्टर और दारोगा का फर्जी आई कार्ड बना रखा था। टोल प्रशासन ने ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया तो इसकी पोल खुल गई।
पिछले 15 दिनों में पुलिस के 101 फर्जी आईकार्ड पकड़े गए हैं। टोल प्रशासन ने जब्त आई कार्ड जेवर पुलिस को सौंप दिए हैं। कलर स्कैन कॉपी वास्तविक कार्ड जैसी है।
वहीं पुलिस अधिकारियों ने जब्त पहचान पत्रों की जांच कराने की बात कही है। सूत्रों ने बताया कि पकड़े गए फर्जी आई कार्ड में 25 इंस्पेक्टर के हैं और इतने ही दारोगा के हैं। शेष कार्ड सिपाही के हैं।
टोल प्रशासन को सूचना मिली थी यमुना एक्सप्रेसवे से गुजरने के दौरान लोग टोल से बचने के लिए पुलिस के फर्जी आईकार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। जानकारी के आधार पर 15 दिनों तक सघन आई कार्ड जांच अभियान चलाया गया। इसी दौरान फर्जी आई कार्ड के इस्तेमाल का खुलासा हुआ। फर्जी कार्डों के आधार पर ही टोल पास करने को लेकर धौंस दिखाया जाता था।
शारीरिक बनावट के हिसाब बनाते थे फर्जी इंस्पेक्टर या दारोगा
टोल प्रशासन की पड़ताल में एक बात और सामन आई है कि दिखने में तंदरुस्त लोगों ने ही इंस्पेक्टर या दारोगा के पहचान पत्र बनवा रखे थे। पकड़े गए आई कार्डों में सबसे अधिक संख्या उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात सिपाहियों की है। जेपी इफ्राटेक के प्रतिनिधि वीपी सिंह ने सभी कार्डों के साथ जेवर कोतवाली पुलिस को शिकायत देते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की है।
गौतमबुद्ध नगर से गाजीपुर तक दिखाई है तैनाती
जेपी इंफ्राटेक के प्रतिनिधि ने बताया कि ज्यादातर कार्ड आगरा, एटा, इटावा, गाजियाबाद, बुलंदशहर और गौतमबुद्ध नगर जिले में तैनाती के हैं। वहीं मैनपुरी, कन्नौज, कानपुर देहात, गाजीपुर, महाराजगंज, ललितपुर, हापुड, फिरोजाबाद, अलीगढ़, मिर्जापुर में भी तैनाती के कार्ड पकड़े गए हैं।
टोल बूथों से लगातार पुलिसकर्मी की तैनाती बता बिना टोल टैक्स दिए गाड़ी निकलने की संख्या बढ़ती जा रही थी। जिसके बाद पिछले 15 दिनों में सघन जांच अभियान चलाया। 101 फर्जी आई कार्ड सामने आए हैं जिनमें से अधिकांश यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर और दारोगा होगा थे। लिस्ट जेवर पुलिस को सौंप दी गई है।
- जेके शर्मा, टोल प्रबंधक, जेवर टोल प्लाजा
यमुना एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स नहीं देने के लिए पुलिसकर्मियों के फर्जी आई कार्ड के प्रयोग की शिकायत मिली है। शिकायत के आधार पर सभी कार्डों का वेरिफिकेशन कराया जाएगा। अगर कार्ड फर्जी मिलते हैं तो सभी को चिह्नित कर कार्रवाई होगी।
- रणविजय सिंह, एसपी देहात