पुन्हाना। शिकरावा गांव में जनस्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण पिछले पांच साल से 400 घरों के लोग पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। आरोप है कि गांव के युवाओं ने इस बारे में सीएम विंडो पर शिकायत भी की, लेकिन विभाग के कर्मचारियों की अनदेखी की वजह से मोहम्मदपुर गांव की समस्या के समाधान की रिपोर्ट शिकरावा गांव की रिपोर्ट में अपलोड हो गई। इसके बाद शिकायत को बंद कर दिया गया। इससे गांव के लोगों में विभाग के प्रति रोष है।
वर्ष 2011 में जनस्वास्थ्य विभाग ने रेनीवेल परियोजना के माध्यम से गांव में पानी पहुंचाने के लिए तीन वाटर चैंबर बनाए थे। बूस्टिंग स्टेशन नंबर दो धौजिया और चैकिया मोहल्ले के करीब 400 घरों में पानी आपूर्ति करने के लिए बनाया गया था। विभाग ने चेंबर तो बना दिया लेकिन ट्रांसफार्मर नहीं लगाया। साथ ही पास के मोहल्ले में बने ट्रांसफार्मर से बूस्टिंग स्टेशन को चालू कर खानापूर्ति कर दी गई। लोगों का कहना है कि ट्रांसफार्मर की क्षमता कम होने के कारण वह बार-बार खराब हो जाता है।
शिकरावा गांव की शिकायत रिपोर्ट गलती से बंद हो गई है। बूस्टिंग स्टेशन पर ट्रांसफार्मर लगवाने के लिए बिजली विभाग को लिखा गया है। वहीं बूस्टिंग स्टेशन नंबर दो के लिए कोई ट्रांसफार्मर के लिए मंजूरी मिली या नहीं इस बारे में जांच की जाएगी। - अशोक कुमार, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
गांव के बूस्टिंग स्टेशन नंबर दो पर ट्रांसफार्मर नहीं होने से गांव के धौजिया और चैकिया मोहल्ले के करीब 400 घरों में पीने के पानी की समस्या है। अगर जल्द ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया तो जनहित कमेटी धरना प्रदर्शन करेंगी। - ऐजाज खान, सदस्य, जनहित कमेटी शिकरावा
9 साल से बूस्टिंग स्टेशन पर ट्रांसफार्मर क्यों नहीं लगा इस बारे में सीएम विंडो में शिकायत की गई थी। विभाग के कर्मचारियों ने जवाब देने की बजाए समस्या के समाधान की रिपोर्ट अपलोड कर दी। एक बार फिर से शिकायत की जाएगी। - बासित खान, सदस्य जनहित कमेटी शिकरावा
बूस्टिंग स्टेशन पर ट्रांसफार्मर लगवाने के लिए 31 दिसंबर 2013 को एसडीओ रेनीवेल के नाम लिखित शिकायत दी थी लेकिन तत्कालीन एसडीओ ने उसे लेने से ही मना कर दिया था। - रमेश चंद, चौकीदार बूस्टिंग स्टेशन, शिकरावा