नगीना। एनसीआर में पराली जलाने से बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। टीबी और अस्थमा के मरीजों को सांस लेने में तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। पर्यावरण केयर ने शुक्रवार को प्रदूषण के प्रति जागरूक करने के लिए बड़कली चौक से कस्बा नगीना तक रैली निकाली। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षाविद मुनीराम जैन ने की। मुख्य कार्यकर्ता कवि इलियास प्रधान ने कहा कि देश की आबोहवा दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले कुछ सालों में देश में लाखों लोग केवल इसकी चपेट में आने से मर चुके हैं। वहीं, सर्वोच्च न्यायालय भी बार-बार हरियाणा और पंजाब राज्य से अनुरोध है कि किसानों को जागरूक करें तथा क्षेत्रों में पराली जलाने वाले किसानों पर शिकंजा कसे। कंसाली गांव के पूर्व सरपंच हारून खान ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण से लोगों की आंखों में तकलीफ हो रही है तथा बच्चों पर सबसे अधिक असर पड़ रहा है। अगर समय रहते इसे रोका नहीं कहा तो इसका स्तर जानलेवा हो जाएगा। नंबरदार ओमप्रकाश ने कहा कि मेवात क्षेत्र के लोगों को भी कूड़ा जलाने से परहेज करना पड़ेगा क्योंकि लोग घरों में अभी भी कूड़ा जलाने से बाज नहीं आ रहे। राहुल सिंगला व ताहिर हुसैन का कहना है कि पिछले कई सालों से पर्यावरण केयर मुहिम से लोगों को दीपावली पर पटाखे चलाने के लिए भी जागरूक करता रहा है। साथ ही पराली नहीं जलाने की शपथ किसानों को दिलाता आ रहा है। इस अवसर पर सामाजिक संगठन गालिब मौजी फाउंडेशन, मेवात सूचना अधिकार मंच, महिला संगठन जागो चलो के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
कैप्शनऱ् पर्यावरण बचाने व पराली न जलाने के लिए निकालते जागरूकता अभियान