शारदा नदी किनारे बाढ़ से बचाव को बनाए गए रीवर बैंक की ओर बहता नाला स्रोत: ग्रामीण
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पूरनपुर। शारदा नदी की बाढ़ से बचाव के लिए कराए अधिकतर बचाव कार्य ध्वस्त हो गए हैं। बाढ़ प्रभावित नदी से निकले बड़े नाले के रुख को पिछले साल बनाए गए रिवर बैंक के लिए खतरा माना जा रहा है। शारदा नदी पार कई पट्टेदारों की जमीन फसल सहित नदी में समा चुकी है। बचाव के लिए कोई परियोजना न बनने से नदी किनारे के लोग चिंतित हैं।
चंदिया हजारा के प्रधान वासुदेव कुंडू ने बताया कि रविवार को उनके नेतृत्व में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधि मंडल ने नदी किनारे पहुंचकर बाढ़ से हुई तबाही को देखा। उन्होंने बताया कि शारदा की बाढ़ से बचाव के लिए कराए अधिकतर कार्य ध्वस्त हो गए। नदी से निकले एक बड़े नाले का रुख पिछले साल बचाव के लिए बनाए गए रिवर बैंक के लिए खतरा बना हुआ है। नदी ने इस बार दूसरी ओर तबाही अधिक मचाई। गांव हजारा, शास्त्रीनगर, भुरजनिया के करीब दो सौ पट्टेदारों की जमीन फसलों सहित नदी मेंं समा चुकी है। उन्होंने बताया कि इस बार अब तक क्षेत्र को शारदा नदी की तबाही से बचाने को कोई परियोजना तक तैयार नहीं हुई है। प्रधान ने बताया कि बचाव के ठोस इंतजाम न होने के विरोध में दो अक्तूबर को नदी किनारे के गांवों में ध्यानाकर्षण सभाएं हुई थीं। अब पांच जनवरी से धरना प्रदर्शन प्रस्तावित है। इसको लेकर अफसरों को पूर्व में दिए गए ज्ञापनों में जानकारी दी जा चुकी है।