- बिल्डर कंपनी से जुड़े जिम्मेदारों की नहीं हो सकी गिरफ्तारी, तीन टीमें गठित
- ग्रेनो वेस्ट की अरिहंत अंबर सोसाइटी में प्लास्टर गिरने से बाइक सवार मैनेजर की मौत का मामला
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट की अरिहंत अंबर सोसाइटी में प्लास्टर गिरने से निजी कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधक की मौत के मामले में पुलिस अबतक बिल्डर कंपनी के जिम्मेदारों की गिरफ्तारी नहीं कर पाई है। पुलिस ने मामले में एओए और बिल्डर से जुड़े लोगों से पूछताछ की है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मामले की जांच के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। जो सोसाइटी निवासियों और मेंटेनेंस से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों से विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ करेंगी। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस जांच में पता चला है कि सोसाइटी में 2022 में प्लास्टर गिरने की पहली घटना हुई थी। जिसके बाद से हर साल पांच से छह टावरों के फ्लैटों में प्लास्टर गिरने की घटनाएं होती चली आ रही हैं। 29 मार्च को भी प्लास्टर गिरा था। सोसाइटी की एओए ने बिल्डर को ईमेल के जरिये फोटो और वीडियो भेजकर समस्या से अवगत कराया था। वहीं पुलिस जांच में बिल्डर की ओर से पुलिस को बताया गया कि अप्रैल 2023 को सोसाइटी का हैंडओवर एओए को दिया जा चुका है। हैंडओवर देने के दो साल बाद तक बिल्डर द्वारा नियुक्त एजेंसी ने सेवा दी। सोसाइटी की पूरी देखरेख करते हुए जहां खामियां थी उन्हें दुरुस्त करा दी गईं थीं।
अहम है कि सोसाइटी के 20 मंजिला टावर पर बने बीम आर्च का प्लास्टर गिरने से विकास चावला की मौत हो गई थी। मामले में विकास के भाई ने अरिहंत बिल्डर और मेंटेनेंस कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसके बाद पुलिस ने रविवार को मेंटेनेंस कंपनी निंबस के कर्मचारी व सोसाइटी में मेंटेनेंस इंचार्ज दीपक कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं निवासियों का आरोप है कि घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के कारण हादसा हुआ है। अगर निर्माण सामग्री सही होती या समय रहते आर्च का मेंटेनेंस कराया गया होता तो हादसा नहीं होता। यह बिल्डर के साथ मेंटेनेंस कंपनी की लापरवाही है। इसलिए मामले में बिल्डर कंपनी के प्रतिनिधियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।