नगीना। क्षेत्र के किसान नगीना उपतहसील को तहसील बनाने की मांग पिछले 26 वर्षों से कर रहे हैं। इसके लिए किसान कई बार आंदोलन और प्रदर्शन हो चुके हैं। राजनीतिक पार्टियों ने इस मांग पर केवल आश्वासन दिया है। अब नई सरकार से किसानों को उम्मीद है। इस संदर्भ में किसान मांग पत्र मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को कई बार भेज चुके हैं। नगीना उपतहसील में 25 हजार एकड़ का रकबा मौजूद है जिसके लिए यहां 14 पटवारियों और दो गिरदावर के पद स्वीकृत हैं। इनमें से कई पद लंबे वक्त से खाली पड़े है। किसानों को फिरोजपुर झिरका तहसील में सरकारी कार्यों के लिए जाना पड़ता है। किसानों को अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रमाण पत्र, सेना की नौकरियों में तहसीलदार का सत्यापन तथा दस हजार की रजिस्ट्री के लिए तहसील खजाने से मंजूरी लेनी पड़ती है। जमीन जायदाद के कार्यों के लिए भी तहसीलदार का सहारा लेना होता है। फिरोजपुर झिरका की दूरी नगीना क्षेत्र के गांव से 30 से 40 किलोमीटर है। क्षेत्र के किसान हाजी इलियास, किसान फतेह मोहम्मद का कहना है कि ऐसे कई कार्य है जो उप तहसीलदार कार्यालय नगीना में नहीं होते हैं उनके लिए तहसीलदार फिरोजपुर झिरका के दफ्तर में जाना पड़ता है। नगीन उप तहसील वर्ष 1993 में बनी थी लेकिन इसे तहसील का दर्जा अभी तक नहीं दिया गया है। सामाजिक संगठन गालिब मौजी खान फाउंडेशन अलीजान एडवोकेट, मेवात सूचना अधिकार मंच जिला उपाध्यक्ष कवि इलियास प्रधान, जागो चलो महिला संगठन के पदाधिकारी ऐमना का कहना है कि नगीना उप तहसील में 67 गांव पड़ते हैं जिनकी आबादी ढाई लाख से अधिक है। ये उप तहसील सरकार के सभी मापदंड पूरा करती है फिर भी इसे तहसील का दर्जा नहीं दिया गया। हाल ही में मेवात क्षेत्र के आरटीआई कार्यकर्ता मुबारिक ने नगीना उप तहसील को अपग्रेड नहीं करने के बारे में जानकारी मांगी, जिसके जवाब में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में 94 तहसील और 51 उप तहसील है। नगीना के साथ और बाद में बनी 62 उप तहसीलों का दर्जा बढ़ाया जा चुका है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने साल 2012 और 2013 में पत्राचार करते हुए मेवात के डीसी को लिखा था कि नगीना उप तहसील को अपग्रेड का प्रस्ताव हिसार मंडलायुक्त को भेजा जाए। नगीना उप तहसील गुरुग्राम मंडलायुक्त के अधीन आती है।
नगीना की उपतहसीलदार भारती ने बताया कई बार एसडीएम फिरोजपुर झिरका के जरिए जिला उपायुक्त को प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। यहां पर कोई शौचालय की सुविधा नहीं है। चार कमरे में उपतहसील का काम होता है किसानों को बड़ी परेशानी होती है। यह बहुत पुरानी उपतहसील है इसके साथ की अधिकतर उप तहसीलों को पूर्ण तहसील का दर्जा मिल चुका है।
कैप्शनऱ् नगीना उप तहसील चार कमरों में चलती।
कैप्शनऱ् भारती, उपतहसीलदार नगीना।