- प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता सीधे बैंक खातों में पहुंच रही है
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। पति के निधन के बाद जब जिंदगी अचानक जिम्मेदारियों के बोझ तले दब जाती है, तब एक छोटी सी आर्थिक मदद भी बड़ा सहारा बन जाती है। ऐसे ही कठिन दौर से गुजर रही हजारों महिलाओं के लिए महिला कल्याण विभाग की विधवा पेंशन योजना उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई है। जिले की 16,639 महिलाएं इस योजना से जुड़कर न केवल आर्थिक संबल पा रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर भी कदम बढ़ा रही हैं। प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता सीधे उनके बैंक खातों में पहुंच रही है, जो उनके रोजमर्रा के खर्चों में अहम भूमिका निभा रही है। फेज-2 स्थित विभागीय कार्यालय से संचालित यह योजना कई घरों में फिर से मुस्कान लौटा रही है।
यह योजना 18 वर्ष से 101 वर्ष तक की निराश्रित महिलाओं के लिए लागू है। अधिकारियों के अनुसार, पेंशन की राशि समय पर लाभार्थियों के खातों में भेजी जा रही है। योजना का उद्देश्य पति की मृत्यु के बाद महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना और उन्हें समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने में मदद करना है। जानकारी के मुताबिक, यह योजना केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय और राज्य सरकार के समाज कल्याण या महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित की जाती है। योजना का लाभ लेने के लिए आमतौर पर महिला का गरीबी रेखा (बीपीएल) से नीचे होना, निर्धारित आयु सीमा में होना और राज्य की स्थायी निवासी होना आवश्यक है। विभिन्न राज्यों में पेंशन राशि 300 से 2500 रुपये प्रतिमाह तक निर्धारित है, जबकि गौतमबुद्ध नगर में यह राशि एक हजार रुपये है।
कई मामलों में जब लाभार्थी महिला की आयु 60 वर्ष से अधिक हो जाती है, तो उन्हें विधवा पेंशन के स्थान पर वृद्धा पेंशन योजना से जोड़ा जाता है, जिससे सहायता की निरंतरता बनी रहती है। जिला प्रोबेशन अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि जिले में 16 हजार से अधिक महिलाएं योजना का लाभ ले रही हैं और अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को इससे जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।