जिला अस्पताल में लगी आग, आईसीयू और इमरजेंसी में भर्ती मरीजों से किया शिफ्ट
- सर्वर रूम में बैटरी फटने से हुआ हादसा, करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू
- छह फायर इंस्टीग्यूशर की मदद से बुझाई आग
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल के बेसमेंट में बने सर्वर रूम में यूपीएस की बैटरी फटने से मंगलवार रात तीन बजे आग लग गई। पहली मंजिल पर धुआं पहुंचते ही आईसीयू और इमरजेंसी में भर्ती 25 मरीजों को भी दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। आग की सूचना मिलते ही आठ दमकल वाहनों को मौके पर भेजा गया। हालांकि सर्वर रूम में मौजूद छह फायर इंस्टीग्यूशर की मदद से करीब एक घंटे में आग पर काबू पा लिया गया। गनीमत रही कि आग ऊपरी फ्लोर तक नहीं पहुंची, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
दरअसल, मंगलवार रात करीब तीन बजे अचानक पहली मंजिल पर धुआं देख फार्मासिस्ट, डॉक्टर व स्टाफ नर्स समेत मरीज व तीमारदारों के बीच अफरातफरी मच गई। फार्मासिस्ट ने तुरंत इसकी सूचना डायल 112 और सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल को दी। सीएमएस तुरंत मौके पर पहुंची। वहीं अस्पताल में आग की खबर मिलते ही डॉक्टर समेत कर्मी अलर्ट हो गए थे। उन्होंने आईसीयू में भर्ती में मरीजों को पांचवीं और छठी मंजिल पर शिफ्ट कर दिया। इसके अलावा इमरजेंसी में भर्ती मरीजों को भी दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
इधर मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार भी दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। आसपास के फायर स्टेशनों से कुल 8 दमकल वाहन मौके पर भेज दिए गए थे। हालांकि दमकल वाहनों की जरूरत नहीं पड़ी। मौके पर मौजूद फायर इंस्टीग्यूशर की मदद से आग को काबू कर लिया गया। आग से अस्पताल को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा है।
पावर सप्लाई और ऑक्सीजन प्लांट भी कराया बंद
सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल के मुताबिक रात को आग की सूचना मिलते ही इलेक्ट्रिकल स्टाफ की मदद से तुरंत बेसमेंट की पावर सप्लाई बंद करा दी गई। दोनों आक्सीजन प्लांट को बंद करा दिए गए। स्थिति सामान्य होने के करीब घंटे भर बाद पांचवें और छठवें तल पर स्थित वार्ड में शिफ्ट किए गए मरीजों को दोबारा आईसीयू और इमरजेंसी में शिफ्ट कर दिया गया।