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Noida News: खिड़कियों के टूटे शीशे, ठिठुरते हुए बसों में यात्री कर रहे सफर

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सोनभद्र रोडवेज बस स्टैंड में बस के टूटे शीशा की मरम्मत के लिए वर्कशाप में खड़ी बस। संवाद
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सोनभद्र। रोडवेज की बसों में सफर कर रहे हैं तो स्वेटर, जैकेट, टोपी जरूर अपने साथ रखें। ठंड शुरू होने के बाद भी बसों में खिड़कियों के टूटे शीशे नहीं बदले गए। कई बसों की खिड़कियां जाम होने के कारण बंद नहीं हो रहीं। ऐसे में रात में सफर के दौरान यात्री परेशान होते हैं।
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सोनभद्र जिले से होकर मौजूदा समय में प्रतिदिन करीब 140 रोडवेज बसों का संचालन हो रहा है। इसमें सर्वाधिक बसें वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग के साथ ही मिर्जापुर होते हुए प्रयागराज समेत अन्य रूटों पर चलती हैं। सोनभद्र डिपो में 80 बसें हैं, जिसमें 60 बसों का संचालन नियमित हो रहा है।
इसके अलावा विंध्यनगर डिपो, जीरो रोड, चंदौली, प्रयागराज, मिर्जापुर, चारबाग समेत अन्य डिपो की रोडवेज बसें संचालित हो रही हैं। मगर अभी अधिकांश बसों की खड़खड़ाती खिड़कियों का मरम्मत नहीं कराया जा सका है। इससे रोडवेज की अनफिट बसें और खड़खड़ाती खिड़कियों के बीच यात्रियों को सफर करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को रॉबर्ट्सगंज से प्रयागराज के लिए जा रही जीरो रोड डिपो की बस की खिड़कियां खड़खड़ाती स्थिति में देखी गई।
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रोडवेज बस स्टैंड रॉबर्ट्सगंज में खड़ी एक बस के खिड़की का शीशा टूटा मिला। जिसे मरम्मत के लिए खड़ा किया गया था। बताया गया कि बुधवार की रात में बस के खिड़की का शीशा टूट गया था। वाराणसी से शीशा मंगाते हुए शीशा का मरम्मत कराने की बात कहीं गई। सोनभद्र डिपो की कुछ बसों में आल वेदर बल्ब नहीं दिखा।

वर्जन:
जिन बसों में खिड़की न खुलने और शीशा टूटने की शिकायत मिलती है, उन्हें तत्काल दुरुस्त कराया जाता है। शीशा टूटने की वजह से एक बस खड़ी है। मरम्मत के लिए वाराणसी से शीशा मंगाया गया है। छठ पूजा के दौरान लापरवाही बरतने पर दो कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। - विश्राम सिंह, एआरएम, सोनभद्र डिपो।
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