सुभारती अस्पताल में आयोजित कार्यशाला में सीपीआर देने का प्रशिक्षण देते प्राध्यापक। स्रोत संस्थ
सुभारती अस्पताल में चल रही सीपीआर जागरूकता कार्यशाला के दूसरे दिन छात्र-छात्राओं व अन्य प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्राध्यापकों ने बताया कि यदि हार्ट अटैक की स्थिति में विधिवत तरीके से सीपीआर दिया जाए तो रोगी के बचने की उम्मीद बढ़ जाती है। एनेस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संजुल दंडोना ने प्रतिभागियों को सीपीआर प्रतिज्ञा दिलाने के साथ सीपीआर तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सीपीआर देने के दौरान रोगी के शरीर की सही स्थिति बनाने, कोहनियों को लॉक रखने, कंधों को हाथों के ठीक ऊपर रखने व 100 से 120 प्रति मिनट की दर से 2 से 5 इंच की गहराई तक छाती संपीड़न करने की विधि सिखाई। इसके अलावा रोगी की प्रतिक्रिया जांचने, एंबुलेंस बुलाने व स्वचालित बाहरी डिफाइब्रिलेटर के प्रयोग की जानकारी भी दी। इस दौरान डॉ. अनुभा अग्रवाल, डॉ. आस्था श्रीवास्तव, रिम्मी रावत, अभिषेक रणावत आदि उपस्थित रहे।