प्रदेश में आंशिक कोरोना कर्फ्यू का राजस्व प्राप्तियों पर गहरा असर पड़ा है। मई में कर व करेतर की प्रमुख मदों के लिए राजस्व प्राप्ति का जो लक्ष्य तय किया गया था, उसकी 52.7 फीसदी वसूली ही हो पाई है। जबकि पिछले वित्त वर्ष की मई की अपेक्षा यह 2452.51 करोड़ रुपये अधिक है।
वित्त व चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने शुक्रवार को विधान भवन स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों से चालू वित्तीय वर्ष मई में पिछले वर्ष की इसी माह की तुलना के साथ मदवार प्राप्तियों का लेखा-जोखा साझा किया। उन्होंने बताया कि मुख्य कर व करेतर राजस्व वाले मदों में इस मई में 8,272.55 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है। जबकि पिछले साल मई में 5,820.04 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई थी।
राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 की मई के लिए 14203.19 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा था। तब 5820.04 करोड़ रुपये की प्राप्ति हो पाई थी। यह लक्ष्य का 41 फीसदी था। जबकि चालू वित्तीय वर्ष में 15683.37 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा गया। इसमें से 8272.55 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई।
यह लक्ष्य का 52.7 फीसदी है। अगर मदवार बात करें तो आबकारी व भूतत्व-खनिकर्म में राजस्व प्राप्तियां घटी हैं। हालांकि अन्य मदों में वृद्धि हुई है। फिर भी लक्ष्य और वसूली में काफी फासला है। इसका असर राज्य की विकास योजना व परियोजनाओं पर पड़ सकता है।