दनकौर के श्री द्रोणाचार्य मंदिर परिसर में शुरू हुए द्रोण मेले में लगे झूले। संवाद
भक्तिमय माहौल और झूलों के साथ द्रोण मेले का आगाज
दनकौर (संवाद)। श्री द्रोणाचार्य मंदिर परिसर में बृहस्पतिवार से 103वां ऐतिहासिक द्रोण मेला शुरू हो गया। मेले में पारसी थिएटर, रागिनी और ईरानी पहलवानों का दंगल आकर्षण का केंद्र रहेगा। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल तैनात किया गया है और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर लगने वाले मेले में स्वादिष्ट व्यंजनों की दुकानें और मीना बाजार सजकर तैयार हैं। महाभारत कालीन इस ऐतिहासिक परिसर में 10 दिवसीय मेला और तीन दिवसीय कुश्ती दंगल आयोजित किया जाएगा। इस बार दंगल में देशभर के नामचीन पहलवानों के साथ ईरानी पहलवान भी अपने दांव-पेच दिखाएंगे। दंगल की सबसे बड़ी कुश्ती लंगर घुमाकर लड़ी जाएगी। इसके विजेता को लाखों रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत द्रोण नाट्य मंच पर बने पारसी थिएटर में स्थानीय कलाकार वीर हकीकत राय जैसे ऐतिहासिक नाटकों का मंचन करेंगे। इसके अलावा दो दिवसीय रागिनी कार्यक्रम और स्कूली बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियां भी आयोजित की जाएंगी। हर साल की तरह इस बार भी पड़ोसी जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और खेल प्रेमियों के पहुंचने की उम्मीद है।