- मान्यता रद्द होने की खबर पर स्कूल पहुंचे अभिभावक, पढ़ाई और फीस को लेकर जताई चिंता
- 9 वीं से 12 वीं तक में 400 से ज्यादा छात्र
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-56 स्थित उत्तराखंड पब्लिक स्कूल की सीबीएसई मान्यता रद्द होने की खबर के बाद बुधवार को अभिभावक स्कूल पहुंचे। बड़ी मुश्किल से अभिभावकों को प्रबंधकों से मिलने की अनुमति मिल पाई। अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन से मुलाकात कर बच्चों के भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। हालांकि परीक्षाएं चलने के कारण स्कूल परिसर में भीड़ अधिक नहीं रही लेकिन दिनभर अभिभावक स्कूल पहुंचते रहे।
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन की ओर से मान्यता बहाल कराने के प्रयास किए जाने की बात कही गई, लेकिन कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। कई अभिभावकों ने बताया कि बच्चों ने अखबार में प्रकाशित खबर की कटिंग व्हाट्सएप पर भेजी, जिसके बाद वे ऑफिस से आधे दिन की छुट्टी लेकर स्कूल पहुंचे।
सीबीएसई ने सेवा शर्तों के उल्लंघन, शिक्षकों के वेतन भुगतान में अनियमितता और सुरक्षा मानकों में कमी के आधार पर स्कूल की वरिष्ठ माध्यमिक स्तर तक की संबद्धता रद्द की है। यह कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में की गई जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। बोर्ड के आदेश के अनुसार सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्र इसी स्कूल से बोर्ड परीक्षा देंगे जबकि कक्षा 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों को 31 मार्च 2026 तक नजदीकी स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा। स्कूल को कक्षा 9वीं और 11वीं में नए प्रवेश लेने और निचली कक्षाओं के विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रोन्नत करने की अनुमति नहीं होगी। कक्षा 1 से 8 तक के संचालन को लेकर जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
400 से ज्यादा छात्र प्रभावित
स्कूल में वर्तमान में करीब 1100 छात्र अध्ययनरत हैं। वहीं, कक्षा 9वीं से 12वीं तक प्रत्येक कक्षा में तीन-तीन सेक्शन संचालित हैं, जिनमें 35 से 40 छात्र पढ़ते हैं। करीब 400 से ज्यादा छात्र 9 वीं से 12 वीं में हैं। इसमें से 10 वीं और 12 के छात्र बोर्ड परीक्षा दे रहे हैं।
कैसे भरेंगे दूसरे स्कूल की फीस
कुछ अभिभावकों ने दूसरे स्कूलों की अधिक फीस को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि कम फीस होने के कारण बच्चों का दाखिला इस स्कूल में कराया गया था। अभिभावकों ने कहा कि आसपास के स्कूलों की फीस अधिक है।
दोस्त से मान्यता रद्द होने की जानकारी मिली तो तुरंत स्कूल पहुंचा और पापा को फोन कर बताया। अभी तक एक ही परीक्षा हुई है।
- अभिनव श्रीवास्तव, छात्र, कक्षा 9
बेटी ने अखबार की कटिंग भेजी तो तुरंत स्कूल आया। मेरे दो बच्चे इस स्कूल में पढ़ते हैं। प्रबंधन ने अपील करने की बात कही है। - साहिल, अभिभावक
जिला प्रशासन और सीबीएसई अधिकारियों से मिलकर छात्रों के हितों की सुरक्षा की मांग की जाएगी। इसको लेकर पदाधिकारियों की मीटिंग भी होने जा रही है।- के अरुणाचलम, महासचिव, ऑल नोएडा स्कूल्स पैरेंट्स एसोसिएशन