-इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी कंपनी विस्तार के मामले में मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया निर्णय
-सशस्त्र, पुलिस बल के लिए ड्रोन, मानव रहित यान के इंजन व अन्य वस्तुएं बनाती है कंपनी
-प्लांट के लिए यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में मिलेगी 10 एकड़ जगह, नया प्लांट भी यहीं लगेगा
माई सिटी रिपोर्टर,
नोएडा। औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 से पराग डेयरी का प्लांट हटेगा। खाली होने वाली जमीन भारतीय सशस्त्र बलों व पुलिस बल के लिए ड्रोन, मानव रहित यान के इंजन व अन्य सिस्टम का निर्माण करने वाली कंपनी के विस्तार को दी जाएगी। उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल की मंगलवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। जबकि, पराग डेयरी का प्लांट यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र में 10 एकड़ में लगेगा।
फेज-2 में पराग डेयरी प्लांट हटने से 4.62 हेक्टेयर जमीन 101 करोड़ रुपये में बिकेगी। वहीं यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में जमीन मौजूदा दरों पर मिलेगी। रणनीति व राष्ट्रीय महत्व के व इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी कंपनी के अनुरोध पर इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इसमें कई शर्तें भी शामिल की गई हैं। यह फैसला नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र के लिए अहम माना जा रहा है। फेज-2 के सेक्टर-81 में राफे एमफाइबर कंपनी है। यह कंपनी ड्रोन, मानव रहित यान के इंजन व अन्य सिस्टम का निर्माण करने के साथ ही एयरोस्पेस क्षेत्र में भी काम करती है। मिली जानकारी के मुताबिक इस कंपनी की तरफ से यहां पर 800 करोड़ रुपये का निवेश प्लांट व मशीनरी में किया जा चुका है।
अब यह कंपनी अपना विस्तार करना चाह रही है। वहीं पराग का प्लांट यहां से हटने और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में नया स्थापित कराने का खर्च यह कंपनी ही उठाएगी। शर्त में बताया गया है कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में 4 लाख लीटर प्रतिदिन की क्षमता का पराग के लिए डेयरी प्लांट की स्थापना निजी कंपनी की तरफ से अपने खर्च पर करवाई जाएगी। पराग डेयरी प्लांट की स्थापना में अगर 2 वर्ष का समय लगता है तो 10 करोड़ रुपये अतिरिक्त कंपनी की तरफ से पराग डेयरी को दिए जाएंगे। 2 वर्ष में भी प्लांट की स्थापना न होने पर प्रति वर्ष 5 करोड़ रुपये के हिसाब से कंपनी पराग डेयरी को देगी। वर्तमान पराग डेयरी के प्लांट में जो मशीनरी लगी हुई है उसके हटाने और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में ले जाने में आने वाले खर्च को भी कंपनी देगी।