फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

15 तक हर जिले में होगा परेड का रिहर्सल, 20 को ट्रैक्टरों के साथ नोएडा कूच

विज्ञापन
चिल्ला बॉर्डर पर प्रदर्शन करते किसान।
विज्ञापन
15 तक हर जिले में होगा परेड का रिहर्सल, 20 को ट्रैक्टरों के साथ नोएडा कूच
विज्ञापन

नोएडा। कृषि कानूनों के मुद्दे पर केंद्र सरकार और किसानों के बीच शुक्रवार को भी वार्ता बेनतीजा रही। जिसके बाद किसानों ने आंदोलन को तेज करने की रणनीति बनाई शुरू कर दी है। चिल्ला बॉर्डर पर 39 दिन से डटे किसान 26 जनवरी को दिल्ली के परेड ग्राउंड की ओर जाएंगे। इससे पहले 15 जनवरी तक सभी जिलों में परेड का रिहर्सल होगा। 20 जनवरी को प्रदेश सहित अलग-अलग जगह से किसान नोएडा के लिए कूच करेंगे।
भारतीय किसान यूनियन (भानु) के प्रदेशाध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह ने शुक्रवार शाम पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से कहा कि अब दिल्ली में प्रधानमंत्री से ही वार्ता की जाएगी। तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के बजाय सरकार बार-बार तारीख पर तारीख दे रही है। इससे आंदोलनरत किसानों आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए देशभर का किसान सड़कों पर हैं। लेकिन सरकार एक कदम पीछे हटने को तैयार नहीं है। किसानों की मांगें जायज हैं और सरकार को अपने कदम पीछे हटाने होंगे।
विज्ञापन

यदि 26 जनवरी से पहले किसानों की मांगों पूरी नहीं हुईं तो चिल्ला बार्डर से किसान ट्रैक्टरों से परेड ग्राउंड के लिए हुंकार भरेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को इस तरह के कदम को उठाने के लिए सरकार मजबूर कर रही है। यदि सरकार उनकी बातों को मान लें तो किसान तुरंत अपने घर चला जाएगा।
खेत में रहने वाले किसानों को सरकार ने सड़क पर आने को मजबूर कर दिया है। केंद्र सरकार अब राज्यों के सिर आंदोलन को मढ़ना चाहती है कि वह चाहे तो एमएसपी लागू करे या न करें। लेकिन किसान इसे पूरी तरह मनवाकर रहेंगे।
- बेगराज सिंह गुर्जर, राष्ट्रीय महासचिव भाकियू भानु
किसानों का आंदोलन शांतिपूर्वक चल रहा है। हर बार किसानों को वार्ता के लिए बुलाया जाता है लेकिन हल नहीं निकलता है। इससे साफ है कि सरकार की मंशा सही नहीं है। इसलिए किसान 26 जनवरी पर परेड की तैयारी कर रहे हैं।
विज्ञापन

- बीसी प्रधान, प्रदेश महामंत्री भाकियू भानु
देशभर का किसान दिल्ली के चारों ओर पड़ा है, लेकिन सरकार को किसानों पर दया नहीं आ रही है। अब किसान भी हठ पकड़ गए हैं और जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा वह आंदोलन को खत्म नहीं करेंगे।- सत्यपाल चौधरी, जिलाध्यक्ष भाकियू भानु अमरोहा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें