नोएडा। सोमवार को मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौर और गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली से सटे नोएडा में असामाजिक तत्व दहशत फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। शहर में दूसरे दिन भी बम की अफवाह से लोग डरे रहे। बृहस्पतिवार को कैलाश अस्पताल में बम होने की फर्जी सूचना दी गई थी। अब शुक्रवार को असामाजिक तत्वों ने नोएडा के सेक्टर-63 में बम जैसी डिवाइस डिवाइडर पर रख दी।
इससे दो घंटे तक लोगों में दहशत का माहौल रहा। घटना की सूचना मिलने बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड के साथ पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने आसपास के लोगों को 100 मीटर दूर किया। इसके बाद बम निरोधक दस्ते ने डिवाइस के तार काट दिए। जांच की गई तो कोई भी विस्फोटक पदार्थ नहीं मिला। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुबह करीब साढे़ सात बजे एक व्यक्ति ने फोन करके सूचना दी कि सेक्टर-63 एसजेएम अस्पताल के पास सड़क के बीच रखे अस्थायी डिवाइडर पर बम रखा है। मौके पर पहुंचे बम निरोधक दस्ते ने बताया कि किसी ने बम जैसी शक्ल देकर कुछ सामान एक साथ जोड़ दिया था। यह वस्तु बम नहीं थी। आसपास जानकारी की तो किसी को पता नहीं था कि किसने इसे रखा है। सड़क किनारे बनी दुकान-मकान व अस्पताल में सीसीटीवी कैमरों की जांच में भी कुछ खास जानकारी नहीं मिल पाई।
दिखने में बम से कम नहीं थी वस्तु
वस्तु को देखने में कतई ऐसा नहीं लग रहा था कि वह बम नहीं है। इसमें डिजिटल घड़ी तक लगाई थी जिसमें 5:20 बजे का समय आ रहा था। साथ ही, एक प्लास्टिक की बोतल लगाई थी जिसमें तरल पदार्थ था। जबकि रेडियो-टीवी में लगने वाली आईसी व अन्य सामान की प्लेट लगाकर तारों को आपस में कनेक्ट भी कर रखा था। पुलिस और बम निरोधक दस्ते की टीम भी यह देकर चौंक गई थी। बम की आशंका के कारण उसे निष्क्रिय भी पूरी सावधानी बरतकर किया गया। इस बीच सड़क पर यातायात रोककर एनएच-9 पर डायवर्जन किया गया। पुलिस ने सुबह से लेकर रात तक जगह-जगह सर्च अभियान भी चलाया और संदिग्ध दिखने वाले वाहनों की भी जांच की।
डरकर सड़क पर लेट गए थे लोग
जिस व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी थी तो उसी दौरान वहां से मनोरोगी युवक गुजरा और जब सब लोग उस वस्तु को देख रहे थे तो उसने पास जाकर हाथ से सड़क पर वस्तु को गिरा दिया। इससे लोग डर गए कि अब बम फट जाएगा। कई लोग तो सड़क पर ही लेट गए थे।
...और मौत सामने नजर आ रही थी
परचून की दुकान चलाने वाले सोनू ने बताया कि बम की सूचना पर लोग वहां से दूर भागने लगे तो कुछ लोगों ने शोर मचा दिया। कुछ देर के लिए तो वह इतने डर गए कि शायद वहां जो भी लोग है वह सब खत्म हो जाएंगे। पहले कभी ऐसा मंजर नहीं देखा था और वस्तु को जब सड़क पर देखा तो साफ मौत नजर आ रही थी। पान की दुकान चलाने वाले किशन लाल घर से सुबह सात बजे चलते हैं। शुक्रवार को भी वह अपनी दुकान खोलने के लिए आ रहे थे तो पुलिस ने उनको रोक लिया था। जब उनको पता चला कि बम मिला है तो पैरों तले से जमीन ही खिसक गई थी।
राहगीर ने रोड के डिवाइडर पर बम होने की सूचना दी थी। समय से मौके पर पहुंचकर उसकी जांच की गई तो वह वस्तु बम जैसी दिखाई देनी वाली थी। उसमें किसी भी तरह का कोई विस्फोटक व डेटोनेटर नहीं था। पुलिस पूरी तरह सक्रिय है और जल्द ही असामाजिक तत्वों को चिह्नित कर गिरफ्तार करेगी। - आलोक कुमार सिंह, पुलिस आयुक्त